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Middle East Crisis: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान की IRGC ने फिर किया जहाज पर हमला, अमेरिका से तनाव के बीच भारत की बढ़ी चिंता

Strait of Hormuz Ship Attack:मध्य पूर्व (Middle East) में युद्ध के बादल और घने होते जा रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भारी तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। सामरिक और व्यापारिक नजरिए से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में ईरान की सेना ने फिर से व्यावसायिक जहाजों पर हमला कर दिया है। बताया जा रहा है कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की गनबोट्स ने जहाजों पर बिना किसी चेतावनी के गोलीबारी की है। इस हमले के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मच गया है।

भारतीय जहाजों को भी बनाया गया निशाना

सामने आई खुफिया और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 18 अप्रैल 2026 को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर भी ईरानी गनबोट्स द्वारा फायरिंग की गई।

  • गनबोट्स अचानक कंटेनर जहाजों के पास पहुंचीं और बिना कोई रेडियो चेतावनी दिए गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
  • राहत की बात यह रही कि इस हमले में चालक दल का कोई नुकसान नहीं हुआ और जहाजों को कोई भारी क्षति नहीं पहुंची।
  • हालांकि, इस हमले के कारण जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा और वापस मुड़ना पड़ा। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर फिर से कई प्रतिबंध लगा दिए हैं।

ईरान के भीतर सत्ता का भारी संघर्ष

विशेषज्ञों का मानना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर हो रहे ये हमले केवल अंतरराष्ट्रीय तनाव का नतीजा नहीं हैं, बल्कि यह ईरान के भीतर चल रही सत्ता की जंग का भी परिणाम हैं।

  • हाल ही में अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद वहां एक बड़ा नेतृत्व शून्य पैदा हो गया है।
  • ईरान के भीतर इस वक्त आईआरजीसी (IRGC) और वहां के विदेश मंत्रालय के बीच भारी टकराव चल रहा है।
  • यह गोलीबारी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची की कूटनीतिक लाइन के खिलाफ ईरानी सेना (IRGC) की सीधी चुनौती मानी जा रही है, जिससे पूरा सिस्टम अस्थिर हो गया है।

अमेरिका से सीधी जंग की आशंका

समुद्री मार्ग पर हुए इस हमले ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध (Iran-US War) की आशंकाओं को और भड़का दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सीजफायर की डेडलाइन बढ़ाने की घोषणा के बीच यह हमला ईरान का एक आक्रामक संदेश माना जा रहा है। आईआरजीसी ने अमेरिकी नौसेना के जहाजों को भी गंभीर चेतावनी दी है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अमेरिकी जहाजों के लिए एक घातक भंवर में बदलने की धमकी दी है। इस पूरे घटनाक्रम ने भारत समेत दुनिया भर के देशों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि दुनिया का एक बड़ा तेल व्यापार इसी रास्ते से होता है।

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