Earthquake Today In India: आज सुबह मणिपुर में 5.2 तीव्रता का भूकंप, कामजोंग रहा केंद्र, लोग घरों से भागे

आज सुबह-सुबह भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर (Manipur) में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। 21 अप्रैल 2026 को तड़के ही जब लोग गहरी नींद में थे, तब धरती अचानक डोलने लगी। भूकंप की तीव्रता इतनी थी कि घबराए हुए लोग अपनी जान बचाने के लिए तुरंत घरों से बाहर निकल आए।
मणिपुर में 5.2 की तीव्रता से कांपा कामजोंग
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) और स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, इस भूकंप के झटके काफी तेज थे।
- मणिपुर में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.2 मापी गई है, जिसे एक मध्यम से तेज श्रेणी का भूकंप माना जाता है।
- भूकंप आज सुबह ठीक 05:59:33 बजे आया।
- भूकंप का मुख्य केंद्र (Epicenter) मणिपुर का कामजोंग (Kamjong) जिला था।
- जमीन के नीचे इस भूकंप की गहराई 62 किलोमीटर दर्ज की गई है।
- हालांकि, राहत की बात यह रही कि मणिपुर के अलावा दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) या उत्तर भारत के किसी भी अन्य हिस्से में भूकंप के झटके महसूस नहीं किए गए।
20 अप्रैल की रात उत्तराखंड में भी डोली थी धरती
मणिपुर से पहले बीती रात (20 अप्रैल) को भी भारत में भूकंप के झटके दर्ज किए गए थे।
- उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल इलाके में रात 8:32:26 बजे भूकंप आया था।
- इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.0 दर्ज की गई और इसकी गहराई जमीन से 8.3 किलोमीटर नीचे थी। यह एक हल्का झटका था जिससे किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है।
दुनिया भर में कहां-कहां आया भूकंप?
सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के अन्य देशों में भी 21 अप्रैल को भूकंप के झटके महसूस किए गए:
- इंडोनेशिया: यहां सुबह 05:47:49 बजे अंबोन (Ambon) के पास 4.5 तीव्रता का भूकंप आया। इसकी गहराई 119.2 किलोमीटर थी।
- म्यांमार: सुबह 05:38:28 बजे म्यांमार में 4.6 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। इसकी गहराई 101 किलोमीटर थी।
- इक्वाडोर: रात 03:29:56 बजे इक्वाडोर में भी 4.6 तीव्रता का भूकंप आया। इसकी गहराई केवल 10 किलोमीटर थी।
इक्वाडोर और ‘रिंग ऑफ फायर’
इक्वाडोर में अक्सर भूकंप आते रहते हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि इक्वाडोर प्रशांत महासागर के किनारे स्थित “Pacific Ring of Fire” (रिंग ऑफ फायर) वाले इलाके का हिस्सा है। यह क्षेत्र दुनिया का सबसे सक्रिय भूकंपीय और ज्वालामुखीय क्षेत्र है। यहां नाज़्का प्लेट (Nazca Plate) और दक्षिण अमेरिकी प्लेट (South American Plate) आपस में टकराती हैं, जिसके कारण इस इलाके में लगातार दबाव बनता है और भयानक भूकंप आते हैं।



