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CG News: KTUJM में राज्यपाल रमेन डेका ने किया ‘मेधा AI सेंटर’ और कन्या छात्रावास का शुभारंभ; पत्रकारों को दी अहम नसीहत

CG News: छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका (Governor Ramen Deka) ने आज रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (KTUJM) में शिक्षा और तकनीक को बढ़ावा देने वाले दो महत्वपूर्ण केंद्रों का शुभारंभ किया।

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में ‘सावित्रीबाई फुले कन्या छात्रावास’ और ‘मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र’ (Medha AI & Media Research Center) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए पत्रकारिता, एआई (Artificial Intelligence) के प्रभाव और मीडिया की विश्वसनीयता पर विस्तार से अपनी बात रखी। इससे पूर्व उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रेरणा स्रोत स्वर्गीय कुशाभाऊ ठाकरे जी की प्रतिमा पर श्रद्धा-सुमन अर्पित कर उनके साथ बिताए संस्मरण साझा किए।

खबर की मुख्य बातें (CG News)

  • दो बड़े उद्घाटन: KTUJM में मेधा AI मीडिया शोध केंद्र और सावित्रीबाई फुले कन्या छात्रावास का शुभारंभ।
  • कन्या छात्रावास: दूरस्थ अंचलों से आने वाली छात्राओं को मिलेगा सुरक्षित और अनुकूल माहौल।
  • एआई (AI) का प्रभाव: मीडिया में नई तकनीकों के जिम्मेदार इस्तेमाल के लिए विद्यार्थियों को तैयार करेगा नया शोध केंद्र।
  • पत्रकारों को नसीहत: बिना तथ्यों की जांच के खबरें न चलाएं; सोशल मीडिया के दौर में सत्य और जनहित सर्वोपरि।
  • विवि का लक्ष्य: राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में छात्रों की संख्या 1,000 तक पहुंचाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दिया।

मीडिया में AI का दौर और नई तकनीकों का जिम्मेदार उपयोग

राज्यपाल डेका ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आने से मीडिया और पत्रकारिता के स्वरूप में बहुत तेजी से बदलाव हो रहा है। ऐसे समय में विश्वविद्यालय में स्थापित ‘मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र’ मील का पत्थर साबित होगा। यह केंद्र विद्यार्थियों को नई तकनीकों को बारीकी से समझने और उनके जिम्मेदार व प्रभावी उपयोग के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

सावित्रीबाई फुले के आदर्शों से प्रेरणा लेंगी छात्राएं

कन्या छात्रावास के उद्घाटन पर राज्यपाल ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने महिला शिक्षा और नारी सशक्तिकरण (Women Empowerment) के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। उनके नाम पर इस छात्रावास का नामकरण होने से छात्राओं को उनके उच्च आदर्शों से प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने बताया कि यह छात्रावास विशेष रूप से दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित, अनुकूल और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगा।

“सोशल मीडिया के दौर में भी प्रिंट मीडिया की विश्वसनीयता कायम”

विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और भावी पत्रकारों को संबोधित करते हुए राज्यपाल डेका ने पत्रकारिता की सत्यता पर जोर दिया।

  • तथ्यों की पुष्टि जरूरी: उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के संबंध में समाचार प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पूरी पुष्टि (Fact-Checking) आवश्यक है, क्योंकि एक खबर का सीधा असर व्यक्ति और समाज दोनों पर पड़ता है।
  • सबसे पहले नहीं, सबसे सही खबर: सोशल मीडिया में सूचनाओं के तेजी से फैलने का जिक्र करते हुए उन्होंने चेताया कि सोशल मीडिया पर उपलब्ध हर सामग्री सत्य नहीं होती। एक श्रेष्ठ पत्रकार वह नहीं है जो सबसे पहले खबर दे, बल्कि वह है जो सही, तथ्यपरक और पूरी जिम्मेदारी के साथ खबर समाज के सामने रखे।
  • अनसुने नायकों को लाएं सामने: राज्यपाल ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के दौर में भी प्रिंट मीडिया (Print Media) आज भी सबसे विश्वसनीय माध्यम बना हुआ है। उन्होंने पत्रकारों से समाज के ‘अनसुने नायक-नायिकाओं’ (Unsung Heroes) के कार्यों को सामने लाने की अपील की।

1000 विद्यार्थियों का लक्ष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर

अपने संबोधन के अंत में राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और शैक्षणिक विकास पर भी फोकस किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का कल्याण सर्वोपरि होना चाहिए। राज्यपाल ने प्रबंधन को निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएं और कम से कम एक हजार (1,000) विद्यार्थियों का लक्ष्य निर्धारित कर काम किया जाए। साथ ही संचालित पाठ्यक्रमों की मान्यता और शिक्षा की गुणवत्ता (Quality Education) पर विशेष ध्यान दिया जाए।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति श्री मनोज दयाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। मंच संचालन प्रबंधन विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष मंडावी ने किया, जबकि कुलसचिव श्री सुनील कुमार शर्मा ने आभार प्रदर्शन किया।

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