नक्सलवाद के खात्मे से खुला छत्तीसगढ़ के विकास का नया रास्ता: शांति बहाली के साथ पर्यटन क्षेत्र में 500 करोड़ का निवेश करेगी IHCL

रायपुर। छत्तीसगढ़ की तस्वीर अब तेजी से बदल रही है। राज्य में दशकों तक विकास की राह में सबसे बड़ा रोड़ा बना नक्सलवाद (Naxalism) अब अपने अंतिम दौर में है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार और सुरक्षाबलों की लगातार मिल रही सफलताओं के कारण बस्तर समेत पूरे प्रदेश में शांति और सुरक्षा का माहौल स्थापित हो रहा है। नक्सलवाद के इस तेजी से हो रहे खात्मे ने छत्तीसगढ़ में बहुमुखी विकास (Development) और बड़े निवेश के लिए पूरी तरह से दरवाजे खोल दिए हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा राज्य पर लगातार बढ़ रहा है।
लाल आतंक के साये से बाहर निकलते ही राज्य सरकार ने सबसे ज्यादा फोकस बुनियादी ढांचे और पर्यटन (Tourism) पर केंद्रित किया है। इसी कड़ी में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) ने छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ रुपये के भारी निवेश का प्रस्ताव दिया है। यह निवेश मुख्य रूप से राज्य में विश्वस्तरीय होटल, ईको-रिसॉर्ट्स और आधुनिक पर्यटक सुविधाएं विकसित करने के लिए किया जाएगा। सरकार द्वारा हाल ही में पर्यटन को ‘उद्योग’ का दर्जा दिए जाने के बाद, IHCL जैसी बड़ी कंपनियों का यह कदम राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा गेमचेंजर साबित होने वाला है।
इस 500 करोड़ के निवेश से न केवल राज्य के पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा होंगे। जो बस्तर कभी बंदूकों की गूंज के लिए जाना जाता था, वह अब अपनी अनूठी प्राकृतिक सुंदरता, जलप्रपातों और समृद्ध आदिवासी संस्कृति के जरिए दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करेगा। शांति और विकास के इस नए दौर ने यह साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ अब देश के सबसे तेजी से उभरते और सुरक्षित पर्यटन केंद्रों में अपनी मजबूत जगह बनाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।



