National

NEET UG 2026 Paper Leak: NTA ऑफिस में रटे सवाल, होटल में लिखी पर्चियां; CBI की चार्जशीट में एक्सपर्ट्स की गंदी साजिश का खुलासा

NEET UG 2026 Paper Leak: मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 (NEET-UG 2026) के पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सनसनीखेज खुलासे किए हैं। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल 94 पेज की चार्जशीट में सीबीआई ने बताया है कि पेपर लीक की यह पूरी साजिश परीक्षा से कई महीने पहले ही रच ली गई थी। इसमें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के एक्सपर्ट्स से लेकर प्राइवेट कोचिंग संचालक और बिचौलिए शामिल थे। आइए सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं कि आखिर इस महाघोटाले को कैसे अंजाम दिया गया।

खबर की मुख्य बातें (Highlights)

  • महीनों पहले रची गई साजिश: CBI की चार्जशीट में दावा, कोचिंग संचालकों ने NTA एक्सपर्ट्स से पहले ही कर ली थी सेटिंग।
  • दिमाग में रटे सवाल: NTA ऑफिस में पेपर सेट करते समय एक्सपर्ट्स ने सवाल याद कर लिए।
  • होटल में लिखीं पर्चियां: ऑफिस से होटल लौटकर याद किए गए सवालों को पर्चियों पर उतारा गया।
  • NCERT में मार्किंग: लीक सवालों को व्यवस्थित करने के लिए NCERT की किताबों में मार्किंग की गई।
  • 13 आरोपियों पर चार्जशीट: तीन NTA एक्सपर्ट्स, डॉक्टर और कोचिंग संचालकों समेत 13 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल।

NTA एक्सपर्ट्स का रोल: रटे सवाल और होटल में लिखी पर्चियां

सीबीआई (CBI) के मुताबिक, NTA एक्सपर्ट मनीषा गुरुनाथ मंधारे, पीवी कुलकर्णी और मनीषा संजय हवलदार पेपर सेट करने की प्रक्रिया के दौरान ऑफिस में ही सवालों को याद कर लेते थे।

  • चार्जशीट के अनुसार, NTA ऑफिस में आते-जाते वक्त एक्सपर्ट्स की कोई शारीरिक तलाशी नहीं ली जाती थी।
  • उन्हें रफ काम के लिए सादे कागज दिए जाते थे। पीवी कुलकर्णी ने इन्हीं कागजों पर केमिस्ट्री के 135 सवाल और उनके विकल्प नोट किए और उनका मराठी से अंग्रेजी में ट्रांसलेशन किया।
  • बाद में होटल लौटकर ये एक्सपर्ट्स याद किए गए सवालों को पर्चियों पर उतारते थे। इसके बाद, NCERT की किताबों में उन सवालों से जुड़े चैप्टर और पैराग्राफ मार्क किए जाते थे, ताकि बिचौलियों को सही जवाब खोजने में आसानी हो।

कैसे छात्रों तक पहुंचा पेपर?

CBI की जांच में सामने आया है कि लीक किए गए सवाल वॉट्सएप चैट, टेलीग्राम मैसेज, PDF और फोटो के जरिए छात्रों और बिचौलियों को भेजे गए थे। डिजिटल फुटप्रिंट (Electronic Evidence) न छूटे, इसके लिए कुछ प्राइवेट कोचिंग संस्थानों ने छात्रों से लीक हुए सवाल हाथ से लिखवाए और उसी आधार पर परीक्षा की तैयारी कराई। जांच एजेंसी को छापेमारी के दौरान ऐसी कई हस्तलिखित कॉपियां (Handwritten Copies) बरामद हुई हैं।

ब्लैंक चेक और 10वीं-12वीं की मार्कशीट रखे गिरवी

चार्जशीट में बताया गया है कि यह पूरा गोरखधंधा पैसों के लिए किया गया। एक मामले में तो आरोपी छात्र ने लीक पेपर हासिल करने के बदले बिचौलिए को अपने 10वीं और 12वीं के ओरिजिनल सर्टिफिकेट और एक ब्लैंक चेक (Blank Check) सिक्योरिटी के तौर पर गिरवी रख दिया था। इस पूरे खेल का मकसद कोचिंग संस्थानों के रिजल्ट बेहतर दिखाना और करोड़ों रुपये की अवैध कमाई करना था।

NTA एक्सपर्ट्स को हो सकती है उम्रकैद

सीबीआई ने इन आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और नए ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024’ के तहत मामला दर्ज किया है।

  • BNS की धारा 316(5) के तहत लोक सेवक के तौर पर भरोसा तोड़ने के मामले में दोषी पाए जाने पर इन्हें आजीवन कारावास (उम्रकैद) या 10 साल तक की जेल हो सकती है।
  • वहीं, नए एंटी-पेपर लीक कानून के तहत 7 से 10 साल की जेल और कम से कम 10 करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। CBI ने फिलहाल 13 आरोपियों के बैंक खाते और लॉकर फ्रीज कर दिए हैं।

Related Articles

Back to top button