Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: राजपाल यादव को 3 महीने की जेल, करोड़ों का जुर्माना; हाई कोर्ट की फटकार- ‘कानून कोई स्क्रिप्ट नहीं जिसे बदल दें’

Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: अपनी शानदार कॉमेडी से दर्शकों को लोटपोट करने वाले बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav Cheque Bounce Case) कानूनी पचड़े में बुरी तरह घिर गए हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने चेक बाउंस के सात अलग-अलग मामलों में राजपाल यादव को दोषी ठहराए जाने के फैसले को बरकरार रखा है।
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने शुक्रवार को इस मामले में अहम फैसला सुनाते हुए राजपाल यादव को 3 महीने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उन पर करोड़ों रुपये का जुर्माना भी लगाया है और उनके रवैये को लेकर कड़ी फटकार लगाई है।
खबर की मुख्य बातें (Highlights)
- 3 महीने की जेल: सभी सात मामलों में 3-3 महीने की सजा मिली है, लेकिन अदालत की रहम से सभी सजाएं एक साथ (कुल 3 महीने) चलेंगी।
- अपील का मौका: कोर्ट ने सीधे जेल भेजने के बजाय सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के लिए 2 महीने का समय दिया है।
- जुर्माना: सातों शिकायतों में से प्रत्येक मामले में 1.05 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
- याचिका खारिज: दोषसिद्धि को चुनौती देने में हुई 1,894 दिन (5 वर्ष से अधिक) की असाधारण देरी को कोर्ट ने माफ करने से इनकार कर दिया।
अभिनेता की जिद ही बनी सजा का आधार
सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि राजपाल यादव को कई मौके दिए गए, लेकिन वह अपने वादों को पूरा करने में विफल रहे।
सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह रही कि याचिकाओं पर सुनवाई पूरी होने के दिन राजपाल यादव ने अदालत के सामने खड़े होकर कहा कि “वह शिकायतकर्ता को कोई भी राशि देने के लिए तैयार नहीं हैं। पैसे लौटाने के बजाय वह पांच बार जेल जाना पसंद करेंगे।” अभिनेता के इसी अड़ियल बयान के बाद अदालत ने कड़ा रुख अपनाया।
क्या है 5 करोड़ के लोन और चेक बाउंस का पूरा मामला?
शिकायतकर्ता के अनुसार, साल 2010 में राजपाल यादव ने एक फिल्म बनाने के लिए 5 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता (लोन) ली थी। इस लोन के निपटारे के लिए वर्ष 2013 में राजपाल यादव ने 1.05 करोड़ रुपये के कुल सात (7) चेक दिए थे।
लेकिन, बैंक में लगाने पर ये सातों चेक बाउंस हो गए। इसी मामले में अब प्रत्येक चेक बाउंस (7 मामलों) में 1.05 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बेंच ने यह भी साफ किया है कि अभिनेता द्वारा पहले ही चुकाई जा चुकी 2 करोड़ रुपये की राशि को इस जुर्माने में एडजस्ट (समायोजित) किया जाएगा।
हाई कोर्ट की फटकार: ‘कानून कोई स्क्रिप्ट नहीं’
राजपाल यादव के ‘जेल जाने’ वाले बयान पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा:
“यदि कोई याचिकाकर्ता कोर्ट में दिए गए वचनों को पूरा करने की बजाय जेल जाने का रास्ता चुनता है, तो यह उसकी मर्जी है। लेकिन कानून कोई स्क्रिप्ट नहीं है, जो किसी एक्टर की मर्जी के मुताबिक दोबारा लिख दिया जाए। रणनीति में बदलाव के साथ कानूनी स्थिति नहीं बदली जा सकती, चाहे वादी कोई भी हो। हर पक्षकार से न्यायिक प्रक्रिया के प्रति सम्मान की उम्मीद की जाती है।”






