National

CJP Protest: दिल्ली में NEET पेपर लीक आंदोलन की गूंज पाकिस्तान तक; पाक विदेश मंत्रालय ने दिया ये जवाब

Pakistan on CJP Protest: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की अगुवाई में चल रहे आंदोलन की चर्चा अब विदेशों में भी होने लगी है। Pakistan on CJP Protest)पड़ोसी देश पाकिस्तान की प्रेस ब्रीफिंग में भी यह मुद्दा उठा, जहां पाकिस्तानी पत्रकारों ने विदेश मंत्रालय से इस पर सवाल किए। हालांकि, पाकिस्तान ने कूटनीतिक संयम दिखाते हुए इस पर टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया।

खबर की मुख्य बातें

  • आंदोलन: दिल्ली में पिछले 3 हफ्तों से CJP का NEET पेपर लीक के खिलाफ धरना जारी।
  • मांग: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन।
  • पाक का रुख: पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने इसे भारत का ‘आंतरिक मामला’ करार दिया।
  • अन्य मुद्दे: प्रेस ब्रीफिंग में लाल सागर और अफगान नागरिकों के निर्वासन पर भी सवाल उठे।

‘यह भारत का आंतरिक मामला है’

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान, 1 पत्रकार ने भारत में हो रहे प्रदर्शनों और प्रशासन की कार्रवाई को मानवाधिकारों से जोड़ते हुए आधिकारिक प्रतिक्रिया जाननी चाही। इसके जवाब में पाक MEA प्रवक्ता ने फौरन इसे भारत का आंतरिक मामला करार दिया। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया, “यह अनिवार्य रूप से भारत का आंतरिक मामला है। हम ऐसे मामलों पर टिप्पणी नहीं करते हैं।”

लाल सागर और अफगान नागरिकों पर भी उठे सवाल

इस प्रेस ब्रीफिंग में सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि लाल सागर में पाकिस्तानी नौसेना की उपस्थिति पर भी सवाल पूछे गए। इस पर प्रवक्ता ने कहा कि यह परिचालन विवरण का मामला है, जिसकी उन्हें जानकारी नहीं है और इसके लिए रक्षा मंत्रालय से संपर्क किया जाना चाहिए।

इसके अलावा, पाकिस्तान से अफगान नागरिकों के निर्वासन और IFRP प्रक्रिया के पूरा होने को लेकर भी सवाल हुए। कुछ अफगानों का दावा है कि पुनर्वास का आश्वासन मिलने के बावजूद उन्हें वापस भेजा जा रहा है।

3 हफ्तों से जारी है CJP का प्रदर्शन

दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP की अगुवाई में NEET पेपर लीक मामले को लेकर पिछले 3 हफ्तों से लगातार प्रदर्शन हो रहा है। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े हैं। वहीं, मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस भी पिछले 3 दिनों से इस मामले को लेकर संसद से सड़क तक विरोध जता रही है। पाकिस्तान का इस मामले पर हस्तक्षेप न करने का बयान उसकी वर्तमान कूटनीतिक नीति को दर्शाता है।

Related Articles

Back to top button