Chhattisgarh High Court: रायपुर की नाबालिग को 25 हफ्ते का गर्भ गिराने की इजाजत; कोर्ट बोला- यह मौलिक अधिकारों का हनन

State Desk: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (Chhattisgarh High Court) ने एक दुष्कर्म पीड़िता के हक में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने रायपुर की 1 नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को अपना गर्भपात (Abortion) कराने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने साफ कहा है कि अनचाही गर्भावस्था को जारी रखना पीड़िता के मौलिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।
अदालत ने प्रशासन को 24 घंटे के भीतर 1 सुरक्षित मेडिकल प्रक्रिया सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
खबर की मुख्य बातें (Chhattisgarh High Court)
- अहम फैसला: हाईकोर्ट ने नाबालिग को 25 सप्ताह की गर्भावस्था खत्म करने की अनुमति दी।
- 24 घंटे का अल्टीमेटम: पीड़िता को 24 घंटे के भीतर सरकारी अस्पताल में भर्ती कर प्रक्रिया पूरी करने का आदेश।
- मेडिकल रिपोर्ट: 20 जुलाई को रायपुर CMHO के मेडिकल बोर्ड ने स्वास्थ्य रिपोर्ट कोर्ट में सौंपी थी।
- आरोपी पर एक्शन: शादी का झांसा देकर रेप करने वाला आरोपी युवक गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है।
“अनचाही गर्भावस्था मौलिक अधिकारों का उल्लंघन”
याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मामले की संवेदनशीलता को समझा। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि किसी भी दुष्कर्म पीड़िता को अनचाही गर्भावस्था जारी रखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है। यह सीधे तौर पर 1 महिला के मौलिक अधिकारों (Fundamental Rights) का हनन है।
अदालत ने आदेश दिया है कि पीड़िता को 24 घंटे के अंदर 1 सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया जाए और अनुभवी डॉक्टरों की निगरानी में यह प्रक्रिया पूरी की जाए।
20 जुलाई को पेश हुई थी मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट
नाबालिग पीड़िता ने एबॉर्शन कराने के लिए हाईकोर्ट में 1 याचिका दाखिल की थी। इससे पहले हुई 1 सुनवाई में अदालत ने रायपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को 1 मेडिकल बोर्ड बनाने का निर्देश दिया था।
बोर्ड को पीड़िता के स्वास्थ्य की जांच कर 20 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करनी थी। इसी मेडिकल रिपोर्ट के तथ्यों और पीड़िता की स्थिति को देखने के बाद कोर्ट ने यह अहम फैसला सुनाया।
प्यार के जाल में फंसाया, फिर मुकरा
जानकारी के मुताबिक, रायपुर जिले की रहने वाली 1 नाबालिग को 1 आरोपी युवक ने अपने प्रेमजाल में फंसा लिया था। उसने शादी करने का झूठा झांसा दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
जब पीड़िता गर्भवती हो गई (25 सप्ताह का गर्भ), तो आरोपी ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस स्टेशन जाकर 1 FIR दर्ज कराई।
पुलिस जांच में आरोप सही मिले, आरोपी जेल में
तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने फौरन मामले की जांच शुरू की। पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में पीड़िता की शिकायत पूरी तरह सही पाई गई। इसके तुरंत बाद एक्शन लेते हुए पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया और उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है।






