Chhattisgarh closure reports pending: पुलिस जांच पूरी, फिर भी अदालत तक नहीं पहुंचीं 1.45 लाख क्लोजर रिपोर्ट

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में पुलिस जांच पूरी होने के बाद भी (Chhattisgarh closure reports pending) 1,45,097 आपराधिक मामलों की क्लोजर रिपोर्ट संबंधित अदालतों में दाखिल नहीं हुई है। यह आंकड़ा 16 जुलाई 2026 की स्थिति का है। मामले की सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक से लंबित क्लोजर रिपोर्ट के संबंध में नई स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
पुलिस की ओर से पेश हलफनामे में बताया गया कि 20 मई 2026 को ऐसे मामलों की संख्या 1,47,714 थी। इसके बाद 16 जुलाई तक 2,617 मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई। संख्या में कमी जरूर आई, लेकिन लंबित मामलों की कुल संख्या अब भी एक लाख 45 हजार से अधिक है।
क्लोजर रिपोर्ट क्या होती है, Chhattisgarh closure reports pending
किसी आपराधिक मामले की जांच के बाद पुलिस को अपनी अंतिम रिपोर्ट सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत करनी होती है। यदि जांच में आरोपपत्र दाखिल करने योग्य साक्ष्य नहीं मिलता, शिकायत तथ्यहीन पाई जाती है या आरोपी का पता नहीं चलता, तो परिस्थितियों के अनुसार पुलिस क्लोजर रिपोर्ट पेश कर सकती है।
क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होने मात्र से मामला स्वतः समाप्त नहीं होता। (Chhattisgarh closure reports pending) न्यायालय रिपोर्ट और उपलब्ध सामग्री की समीक्षा करता है। अदालत रिपोर्ट स्वीकार कर सकती है, अतिरिक्त जांच का निर्देश दे सकती है या कानून के अनुसार दूसरी कार्रवाई कर सकती है।
हाईकोर्ट ने क्या पूछा, Chhattisgarh closure reports pending
हाईकोर्ट ने यह जानना चाहा कि जांच पूरी होने के बावजूद इतने बड़े स्तर पर अंतिम रिपोर्ट अदालतों में क्यों दाखिल नहीं की गई। अदालत ने पुलिस महानिदेशक को नई रिपोर्ट में लंबित मामलों की स्थिति और उन्हें न्यायालयों में प्रस्तुत करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देने को कहा है।
आधिकारिक हाईकोर्ट वेबसाइट के नवीनतम समाचार अनुभाग में भी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल न होने और डीजीपी से जवाब मांगे जाने से संबंधित मामला दर्ज है।
लंबित रिपोर्टों का असर
अंतिम रिपोर्ट दाखिल न होने से पुलिस रिकॉर्ड में जांच पूरी दिखाई दे सकती है, (Chhattisgarh closure reports pending) लेकिन न्यायिक प्रक्रिया का आवश्यक चरण अधूरा रहता है। इससे शिकायतकर्ता, संदिग्ध व्यक्ति और संबंधित पक्षों को मामले की औपचारिक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाती।
पुराने मामलों के रिकॉर्ड, केस डायरी, दस्तावेज और संबंधित अधिकारियों की उपलब्धता भी समय बीतने के साथ चुनौती बन सकती है। इसलिए हाईकोर्ट ने केवल कुल संख्या नहीं, बल्कि रिपोर्ट दाखिल करने की प्रगति का नया विवरण मांगा है।
आंकड़ों में स्थिति, Chhattisgarh closure reports pending
- 20 मई 2026 को लंबित क्लोजर रिपोर्ट: 1,47,714
- 16 जुलाई 2026 को लंबित रिपोर्ट: 1,45,097
- इस अवधि में दाखिल रिपोर्ट: 2,617
- संबंधित प्राधिकारी: छत्तीसगढ़ पुलिस और डीजीपी
- न्यायिक संस्था: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
- अगला कदम: नई स्थिति रिपोर्ट या हलफनामा
उपलब्ध आंकड़ों से पता चलता है कि लगभग दो महीने में लंबित संख्या घटी है, लेकिन निस्तारण की गति और शेष मामलों की संख्या को देखते हुए हाईकोर्ट ने निगरानी जारी रखी है।
आगे क्या होगा
डीजीपी की ओर से नई स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद अदालत प्रगति का आकलन करेगी। रिपोर्ट में जिलेवार या श्रेणीवार आंकड़े दिए जाएंगे या नहीं, यह मूल आदेश और अगले हलफनामे से स्पष्ट होगा।
इस स्तर पर अदालत ने किसी पुलिस अधिकारी को दोषी घोषित नहीं किया है। मामला प्रशासनिक और न्यायिक प्रक्रिया में लंबित क्लोजर रिपोर्टों के निस्तारण से जुड़ा है।
एक नजर में, Chhattisgarh closure reports pending
- लंबित रिपोर्ट: 1,45,097
- आंकड़े की तारीख: 16 जुलाई 2026
- 20 मई की संख्या: 1,47,714
- दाखिल रिपोर्ट: 2,617
- न्यायालय: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
- जवाब देने वाला पक्ष: पुलिस महानिदेशक
- अगली कार्रवाई: नई स्थिति रिपोर्ट
हाईकोर्ट की कार्यवाही का केंद्र जांच पूरी होने और न्यायालय में अंतिम रिपोर्ट दाखिल होने के बीच बने बड़े अंतर को समाप्त करना है। अगली रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि पुलिस लंबित मामलों के लिए किस समयबद्ध व्यवस्था पर काम कर रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
छत्तीसगढ़ में कितनी क्लोजर रिपोर्ट लंबित हैं?
पुलिस के हलफनामे के अनुसार 16 जुलाई 2026 तक 1,45,097 मामलों की क्लोजर रिपोर्ट अदालतों में दाखिल होना शेष था।
क्या इन सभी मामलों की जांच पूरी हो चुकी है?
अदालत में दी गई जानकारी के अनुसार इन मामलों में पुलिस जांच पूरी हो चुकी थी, लेकिन अंतिम क्लोजर रिपोर्ट सक्षम अदालत में दाखिल नहीं हुई थी।
हाईकोर्ट ने क्या निर्देश दिया है?
हाईकोर्ट ने डीजीपी से लंबित रिपोर्टों और उनके निस्तारण के लिए किए जा रहे प्रयासों पर नई स्थिति रिपोर्ट मांगी है।






