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CG News: हरेली तिहार पर दिखा CM विष्णु देव साय का अनोखा अंदाज; पारंपरिक वेशभूषा पहन ‘पिंक ऑटो’ से पहुंचे कार्यक्रम में

CG News: छत्तीसगढ़ की मिट्टी की सोंधी महक, खेत-खलिहानों की परंपरा, मांदर की थाप और गेड़ी का उल्लास… आज प्रदेश के प्रथम लोक पर्व हरेली तिहार (Hareli Tihar) के मौके पर नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास पूरी तरह से छत्तीसगढ़ की ग्रामीण और लोक संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Vishnu Deo Sai) ने पारंपरिक वेशभूषा में भगवान शिव, गौमाता और कृषि औजारों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान उनका एक अनूठा अंदाज भी देखने को मिला, जब वे एक महिला ऑटो चालक के ‘पिंक ऑटो’ (Pink Auto) में बैठकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे।

खबर की मुख्य बातें (Highlights)

  • हरेली तिहार की धूम: मुख्यमंत्री निवास में पारंपरिक रूप से मनाया गया छत्तीसगढ़ का पहला त्योहार हरेली।
  • पिंक ऑटो की सवारी: CM विष्णु देव साय पारंपरिक परिधान में ‘पिंक ऑटो’ से पहुंचे कार्यक्रम में।
  • कृषि औजारों की पूजा: मुख्यमंत्री ने नांगर, कुदाल, फावड़ा सहित खेती-किसानी के औजारों की पूजा की।
  • किसानों को सौगात: CM ने किसान को 16 लाख की सब्सिडी का चेक दिया और ‘ड्रोन दीदी’ की सफलता को सराहा।

पारंपरिक वेशभूषा और ‘पिंक ऑटो’ की सवारी

हरेली के उत्सव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पूरी तरह से छत्तीसगढ़ी रंग में रंगे नजर आए। उन्होंने पारंपरिक वेशभूषा धारण की हुई थी। सबसे खास बात यह रही कि वे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के साथ महिला ऑटो चालक श्रीमती संगीता यादव के ‘पिंक ऑटो’ में बैठकर मुख्यमंत्री निवास परिसर से मुख्य कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे। सीएम के इस अनूठे और सादगी भरे अंदाज ने वहां मौजूद सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

गौरी-गणेश पूजन और गौमाता को खिलाई ‘लोंदी’

कार्यक्रम की शुरुआत गौरी-गणेश एवं नवग्रह पूजन के साथ हुई।

  • मुख्यमंत्री ने मंत्रोच्चार के बीच शिवलिंग का अभिषेक किया और खेती में काम आने वाले औजारों (नांगर, रापा, कुदाल, फावड़ा) की पूजा की।
  • इसके बाद उन्होंने गौशाला पहुंचकर गौमाता की आरती उतारी और गाय-बछड़े को हरा चारा, चना-गुड़ और पारंपरिक ‘लोंदी’ खिलाकर पशुधन के बेहतर स्वास्थ्य की कामना की।
  • सीएम साय ने कहा, “हरेली हमारी कृषि संस्कृति, प्रकृति और ग्रामीण जीवन के आत्मीय रिश्ते का बड़ा उत्सव है। यह पर्व हमें धरती, पशुधन और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देता है।”

किसानों की समृद्धि और आधुनिक तकनीक पर जोर

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में लगाए गए कृषि स्टॉलों का भी अवलोकन किया।

  • उन्होंने रायपुर के किसान इंद्र कुमार वर्मा को हार्वेस्टर पर मिलने वाली सब्सिडी के रूप में 16 लाख रुपए का चेक प्रदान किया।
  • कृषि विभाग के स्टॉल पर सीएम ने ‘ड्रोन दीदी’ (Drone Didi) चंद्रकली वर्मा से बातचीत की। चंद्रकली ने बताया कि वह ड्रोन के माध्यम से खेतों में कीटनाशक और नैनो यूरिया का छिड़काव करती हैं, जिससे उन्हें पिछले दो वर्षों में करीब 7 लाख रुपए की आय हुई है। सीएम ने उनकी इस सफलता को महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरक मिसाल बताया।

गेड़ी, बिल्लस और बाटी ने दिलाई बचपन की याद

मुख्यमंत्री निवास को हरेली के अवसर पर नीम, आम के पत्तों और गेंदे के फूलों से पारंपरिक रूप से सजाया गया था। परिसर में गेड़ी, बिल्लस, गोटी और बाटी (कंचे) जैसे पारंपरिक ग्रामीण खेलों की भी धूम रही। मांदर और ढोलक की थाप पर लोक कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। उत्सव के इस माहौल में मुख्यमंत्री साय भी खुद को रोक नहीं पाए और कलाकारों के बीच जाकर पारंपरिक लोकधुनों पर उनके साथ झूमे।

डॉ. रमन सिंह ने भी दी बधाई: कार्यक्रम में मौजूद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी प्रदेशवासियों को हरेली की बधाई दी। उन्होंने कहा कि सीएम विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य के किसानों को 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य मिल रहा है और ‘महतारी वंदन योजना’ से माताओं-बहनों को आर्थिक मजबूती मिल रही है।

इस भव्य आयोजन में राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, कृषि मंत्री रामविचार नेताम सहित बड़ी संख्या में किसान और आम नागरिक मौजूद रहे।

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