Durg News: सुपर-30 की तर्ज पर दुर्ग में ‘सुपर-80’, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने NEET-JEE के लिए चयनित छात्रों से किया संवाद

Durg News: छत्तीसगढ़ के दुर्ग (Durg) जिले के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं (NEET एवं JEE) की तैयारी के लिए ‘सुपर-80’ (Super-80 Scheme) योजना शुरू की गई है। यह योजना चर्चित ‘सुपर-30’ की तर्ज पर संचालित होगी।
इस योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों और उनके पालकों के लिए दुर्ग के जेआरडी स्कूल (JRD School) में एक विशेष संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री एवं दुर्ग विधायक गजेन्द्र यादव (Gajendra Yadav) शामिल हुए और उन्होंने चयनित छात्रों से सीधे बातचीत कर उनके सपनों और भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में जाना।
सुपर-80 क्या है? (Durg News)
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में प्रदेश के प्रतिभावान छात्रों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर दिए जा रहे हैं। सुपर-80 इसी दिशा में एक बड़ी पहल है, जिसके माध्यम से दुर्ग जिले के मेधावी छात्रों को मेडिकल (NEET) और इंजीनियरिंग (JEE) जैसी कठिन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग (Free Coaching) दी जाएगी।
80% से ज्यादा अंक लाने वाले ग्रामीण छात्रों का दबदबा
शिक्षा मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि प्रतिभा किसी एक क्षेत्र या वर्ग तक सीमित नहीं होती।
- दुर्ग जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों (Government Schools) में एक विशेष परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें 12वीं में 80% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का चयन किया गया है।
- सबसे खास बात यह है कि चयनित विद्यार्थियों में बड़ी संख्या ग्रामीण क्षेत्रों (Rural Areas) से आने वाले बच्चों की है।
- यह योजना उन छात्रों के लिए वरदान साबित होगी, जिन्हें बेहतर मार्गदर्शन और कोचिंग के लिए मजबूरन बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है और लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
पढ़ाई से लेकर रहना-खाना सब होगा निःशुल्क
गजेन्द्र यादव ने पालकों और छात्रों को योजना की सुविधाओं (Facilities) की विस्तृत जानकारी दी:
- चयनित विद्यार्थियों की पूरी कोचिंग और पढ़ाई निःशुल्क (Free) रहेगी।
- छात्रों और छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल (Hostel) की व्यवस्था की जाएगी।
- हॉस्टल में बच्चों के रहने, भोजन और अन्य सभी जरूरी सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जाएंगी।
- विद्यार्थियों को विशेषज्ञ शिक्षकों (Expert Teachers) का मार्गदर्शन, नियमित टेस्ट सीरीज, स्टडी मटेरियल और परीक्षा की सही रणनीति समझाई जाएगी।
“सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता”
शिक्षा मंत्री ने चयनित छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि यह सुनहरा अवसर उनकी मेहनत का परिणाम है। अब इसे सफलता में बदलने की जिम्मेदारी खुद छात्रों की है। उन्होंने कहा, “सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। निरंतर मेहनत, कड़ा अनुशासन, आत्मविश्वास और सही मार्गदर्शन के साथ ही आप अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।” उन्होंने शिक्षकों को भी निर्देश दिए कि वे बच्चों की शैक्षणिक प्रगति पर लगातार नजर रखें और जहां जरूरत हो, वहां उन्हें अतिरिक्त मदद दें।
पालकों ने पूछे सवाल, मंत्री ने दिए जवाब
संवाद कार्यक्रम के दौरान छात्रों और उनके अभिभावकों ने शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव से ‘सुपर-80’ योजना के तहत कोचिंग, हॉस्टल, भोजन और पढ़ाई के संतुलन को लेकर कई सवाल पूछे। शिक्षा मंत्री ने सभी सवालों के विस्तार से जवाब दिए और पालकों को आश्वस्त किया कि उन्हें बच्चों की किसी भी प्रकार की आर्थिक चिंता करने की जरूरत नहीं है, बस बच्चों का ध्यान पूरी तरह से उनके लक्ष्य पर होना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में शिक्षा मंत्री ने सभी चयनित विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के आला अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में पालक उपस्थित रहे।






