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Nepal Flood Chhattisgarh Citizens: छत्तीसगढ़ के 9 नागरिकों की स्थिति आई सामने, 2 प्रवासी महिलाएं अब भी लापता

नेपाल में भोटे कोशी नदी में आई भीषण आकस्मिक बाढ़ (Nepal Flood Chhattisgarh Citizens) और विनाशकारी भूस्खलन के बाद स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में भारत के पड़ोसी देश नेपाल के कई हिस्से पूरी तरह आ चुके हैं, जिससे बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है। इस संकट के बीच छत्तीसगढ़ के नागरिकों को लेकर एक बड़ी प्रशासनिक रिपोर्ट सामने आई है। राज्य सरकार की त्वरित कार्रवाई और निरंतर समन्वय के चलते नेपाल में फंसे छत्तीसगढ़ के कुल 9 नागरिकों की वर्तमान स्थिति का पता लगा लिया गया है। हालांकि, दो प्रवासी महिलाएं (NRI) अभी भी लापता बताई जा रही हैं, जिनकी तलाश के लिए रेस्क्यू टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।

नेपाल में आई तबाही और फंसे नागरिकों का रेस्क्यू ऑपरेशन

नेपाल के सीमावर्ती जिलों और मध्य हिस्सों में बुधवार सुबह तिब्बत से उठी अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। (Nepal Flood Chhattisgarh Citizens) इस आपदा में कई मुख्य पुल टूट चुके हैं और संचार नेटवर्क पूरी तरह ठप हो गया है। इस विकट परिस्थिति में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल निर्देश जारी किए थे कि वे नेपाल में मौजूद प्रदेश के सभी नागरिकों की सूची तैयार करें और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें।

ताजा प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ से जुड़े 9 लोगों की सुरक्षित लोकेशन और स्थिति की पुष्टि हो चुकी है। राहत की बात यह है कि रायपुर के माना इलाके के रहने वाले 5 नागरिक पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्होंने वापस छत्तीसगढ़ लौटने के लिए अपनी यात्रा शुरू कर दी है।

रायपुर के सुरक्षित लौटे पांच नागरिकों की सूची

नेपाल में फंसे रायपुर के जो 5 नागरिक पूरी तरह सुरक्षित पाए गए हैं और छत्तीसगढ़ वापस आ रहे हैं, उनके नाम इस प्रकार हैं:

  • दिनेश ओझा
  • प्रेम सिंह जगत
  • नारायण सेन
  • यतेन्द्र प्रकाश
  • दिनेश सिंह ठाकुर

ये सभी नागरिक 21 अगस्त को धार्मिक और पर्यटन यात्रा के सिलसिले में नेपाल गए हुए थे। बाढ़ आने के बाद इनसे संपर्क टूट गया था, लेकिन अब स्थानीय प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से इन्हें ट्रेस कर लिया गया है।

छत्तीसगढ़ की दो एनआरआई (NRI) महिलाएं अब भी लापता

प्रशासनिक स्तर पर जहां 9 लोगों से जुड़ी जानकारियां सकारात्मक रही हैं, वहीं छत्तीसगढ़ मूल की दो प्रवासी महिलाएं इस आपदा के बाद से लगातार लापता हैं। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग और विदेश मंत्रालय संयुक्त रूप से इन दोनों की खोजबीन में जुटे हैं।

लापता महिलाओं की पहचान और वर्तमान स्थिति

  1. प्रियंका चौधरी (उम्र 39 वर्ष): प्रियंका मूल रूप से छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले की रहने वाली हैं और वर्तमान में फिनलैंड की नागरिक हैं। वे नेपाल में कैलाश मानसरोवर की धार्मिक यात्रा पर गई हुई थीं, जिसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिला है।
  2. डॉ. मीना गुप्ता: डॉ. मीना मूल रूप से छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग की निवासी हैं और उनके पास ब्रिटिश नागरिकता है। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद से उनका परिवार उनसे संपर्क स्थापित नहीं कर पा रहा है।

इसके अतिरिक्त, रायपुर के महादेव घाट निवासी मोनिका यादव के संबंध में भी लापता होने की अफवाहें उड़ी थीं, जो 22 अगस्त को नेपाल गई थीं। हालांकि, ताजा प्रशासनिक समन्वय के बाद प्रशासन ने उनके परिजनों से सीधा संपर्क स्थापित कर लिया है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है।

साय सरकार की त्वरित कार्रवाई और राज्य हेल्पलाइन नंबर जारी

इस अंतरराष्ट्रीय संकट को देखते हुए छत्तीसगढ़ की साय सरकार बेहद संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार अपने हर एक नागरिक के साथ खड़ी है और उनकी सुरक्षित वतन वापसी के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

नेपाल में फंसे यात्रियों के परिजनों की मानसिक चिंता को दूर करने और किसी भी प्रकार की सूचना के आदान-प्रदान के लिए राज्य सरकार ने राज्य स्तरीय आपातकालीन कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया है।

सहायता के लिए आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर्स

यदि छत्तीसगढ़ का कोई भी नागरिक या उनके रिश्तेदार नेपाल यात्रा पर गए हैं और उनके विषय में कोई भी जानकारी चाहिए या साझा करनी है, तो इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है:

  • राज्य आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन: 1070 (टोल-फ्री)
  • कंट्रोल रूम दूरभाष नंबर: +91-771-2223471

राज्य शासन ने प्रदेश के आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके पास नेपाल गए किसी भी व्यक्ति या पड़ोसी के संबंध में कोई पुख्ता जानकारी हो, तो उसे तुरंत जिला प्रशासन या दिए गए कंट्रोल रूम नंबरों पर साझा करें ताकि समय रहते आवश्यक कूटनीतिक और प्रशासनिक मदद पहुंचाई जा सके।

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