NEET Exam System: ‘UPSC जैसा मजबूत ढांचा बनाए NTA’; सुप्रीम कोर्ट की सलाह, केंद्र सरकार ने SC में दीं पेपर सुरक्षा की 10 दलीलें

NEET Exam System: केंद्र सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में हलफनामा दायर कर दावा किया है कि देश में NEET (नीट) परीक्षा सिस्टम पूरी तरह से सुरक्षित है और इसमें किसी भी तरह की सेंध लगाना नामुमकिन है। केंद्र ने अदालत को बताया कि प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को बेहद गोपनीय और पारदर्शी रखा जाता है।
दूसरी तरफ, सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को सलाह देते हुए कहा कि उसे UPSC (संघ लोक सेवा आयोग) की तर्ज पर एक स्थाई और मजबूत परीक्षा ढांचा तैयार करना चाहिए।
जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ‘यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट’, ‘FAIMA’ और अन्य संगठनों की उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें NTA को पुनर्गठित करने और पेपर लीक रोकने के लिए सख्त निगरानी तंत्र की मांग की गई है।
खबर की मुख्य बातें (Highlights)
- सुप्रीम कोर्ट की सलाह: NTA को UPSC जैसा मजबूत और स्थाई सिस्टम बनाना चाहिए।
- केंद्र का दावा: NEET परीक्षा प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित, सेंधमारी की गुंजाइश नहीं।
- सुरक्षा के 10 स्तर: सरकार ने SC में पेपर की गोपनीयता और डिजिटल सुरक्षा की 10 दलीलें पेश कीं।
- NTA में बड़े बदलाव: 600 एक्सपर्ट्स को हटाया गया, CISF को सौंपी जाएगी सुरक्षा की कमान।
- CBI जांच जारी: नीट पेपर लीक मामले में 13 आरोपी गिरफ्तार, री-टेस्ट कराया जा चुका है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ‘UPSC जैसी व्यवस्था बनाए NTA’
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने तीन महीने बाद फिर से दोहराया कि NTA को UPSC की तरह ऐसा मजबूत ढांचा तैयार करना चाहिए, जिससे परीक्षा कराने का अनुभव (Institutional Memory) अधिकारियों के ट्रांसफर होने के बाद भी संस्था के पास बना रहे।
अदालत ने कहा, “कागज पर प्रक्रियाएं बहुत बेहतर दिख सकती हैं, लेकिन असली चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि एक परीक्षा के बाद अगली परीक्षा तक व्यवस्था में पुरानी कमजोरियां दोबारा न लौटें। सालों से अस्थायी (तदर्थ) व्यवस्थाओं के सहारे काम चलाने से समस्याएं पैदा हुई हैं।” कोर्ट ने केंद्र को नई टेक्नोलॉजी समझने वाले अधिकारियों को शामिल करने और अनुभवी अफसरों के बार-बार तबादले से बचने की सलाह दी।
केंद्र सरकार ने दी NEET पेपर सुरक्षा की 10 बड़ी दलीलें
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष NEET परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा से जुड़ी 10 प्रमुख बातें रखीं:
- 4 अलग-अलग पेपर: कई सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स 500 सवालों का प्रश्न बैंक बनाते हैं। इनमें से 100-100 सवाल चुनकर 4 अलग-अलग पेपर सेट तैयार होते हैं, जिनमें से अंतिम 2 पेपर NTA महानिदेशक चुनते हैं।
- 13 भाषाओं में प्रश्न बैंक: ट्रांसलेशन एक्सपर्ट्स की मदद से 13 क्षेत्रीय भाषाओं में प्रश्न बैंक तैयार किया जाता है।
- 2 प्रिंटिंग प्रेस: पेपर सीलबंद कवर में दो तय प्रिंटिंग प्रेस भेजे जाते हैं, जहां CCTV और CISF का कड़ा पहरा रहता है। प्रिंटर को भी नहीं पता होता कि पेपर किस परीक्षा का है।
- डिजिटल चाबी और कोड: पेपर ले जाने वाले व्यक्ति के पास डिजिटल चाबी होती है, लेकिन बॉक्स खोलने का ओटीपी/कोड NTA महानिदेशक की अनुमति के बिना जारी नहीं होता।
- टैम्पर-प्रूफ लोहे के बक्से: प्रश्नपत्रों को ऐसे लोहे के ट्रंक/बॉक्स में रखा जाता है, जिन्हें लॉक तोड़े बिना नहीं खोला जा सकता।
- वाटरमार्क और यूनिक कोड: 24 पेपर के हर पैकेट में सवालों का क्रम अलग होता है। पैकेट पर वाटरमार्क, शहर, केंद्र और पैकेट नंबर दर्ज रहता है।
- बैंकों के स्ट्रॉन्ग रूम: पेपर के दो अलग-अलग सेट बैंकों के स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखे जाते हैं। प्रक्रिया की पूरी वीडियोग्राफी कराई जाती है।
- GPS ट्रैकिंग और पुलिस सुरक्षा: बैंक से एग्जाम सेंटर तक पेपर ले जाने वाली गाड़ियां GPS से लैस होती हैं और पुलिस सुरक्षा के बीच चलती हैं।
- छात्रों की मौजूदगी में डिजिटल लॉक: परीक्षा शुरू होने से कुछ घंटे पहले 2 परीक्षार्थियों की मौजूदगी में वीडियोग्राफी के साथ बॉक्स खोला जाता है।
- क्लास में छात्र खुद खोलते हैं पैकेट: हर कमरे में 24 छात्रों के लिए अलग पैकेट होता है, जिसे छात्र स्वयं खोलते हैं।
NTA में शुरू हुए बड़े प्रशासनिक बदलाव
22 जून 2024 को पूर्व इसरो अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में गठित 7-सदस्यीय कमेटी की 101 सिफारिशों के आधार पर NTA में व्यापक सुधार शुरू कर दिए गए हैं:
- 600 एक्सपर्ट्स हटाए गए: परीक्षा टीम को नए सिरे से पुनर्गठित किया जा रहा है और 600 पुराने एक्सपर्ट्स को हटा दिया गया है। अब साइबर सुरक्षा, साइकोमेट्रिक्स और पेपर सेटिंग के प्राइवेट एक्सपर्ट्स जोड़े जा रहे हैं।
- नया सुरक्षा प्रोटोकॉल: सुरक्षित एग्जामिनेशन रूम, बाहरी नेटवर्क से अलग (Air-gapped) कंप्यूटर सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज जमा कराने की सख्त व्यवस्था लागू की जा रही है।
- CISF को सुरक्षा का जिम्मा: NTA के मुख्य कार्यालयों को नए परिसर (ओखला से मिंटो रोड) में शिफ्ट किया जा रहा है, जिसकी सुरक्षा की कमान CISF को सौंपी जाएगी।
- 4-स्तरीय चेकिंग: शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने समीक्षा बैठक कर प्रश्नपत्रों की जांच के लिए 4-स्तरीय सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह पेपर लीक रोकने और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के पुनर्गठन की इस पूरी प्रक्रिया पर बारीकी से नजर बनाए रखेगा।






