Raipur News: ‘विरासत से विकास तक’ की कहानी; CM साय ने ऐतिहासिक टाउन हॉल में शुरू की प्रदर्शनी, ‘वंदे मातरम्’ की गौरवगाथा बनी आकर्षण का केंद्र

Raipur News: 80वें स्वतंत्रता दिवस के खास मौके पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक टाउन हॉल (Town Hall, Raipur) में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित एक विशेष और भव्य प्रदर्शनी का शुभारंभ किया।
यह 7 दिवसीय प्रदर्शनी केवल इतिहास के पन्नों को ही नहीं पलटती, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों (Freedom Fighters) के संघर्ष और बलिदान की गौरवगाथा के साथ-साथ बदलते और विकसित होते छत्तीसगढ़ की एक जीवंत तस्वीर भी पेश करती है। मुख्यमंत्री ने इसे ‘विरासत से विकास’ तक के सफर का एक बेहतरीन चित्रण बताया है।
खबर की मुख्य बातें (Highlights)
- प्रदर्शनी का शुभारंभ: CM साय ने रायपुर के ऐतिहासिक टाउन हॉल में 7 दिवसीय विशेष प्रदर्शनी की शुरुआत की।
- ‘वंदे मातरम्’ की यात्रा: प्रदर्शनी में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का विशेष खंड है।
- विकास की झलक: महतारी वंदन और कृषक उन्नति योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का भी किया गया है प्रदर्शन।
- ऐतिहासिक धरोहरों को सौगात: टाउन हॉल और शहीद स्मारक के संरक्षण के लिए CM ने 50-50 लाख रुपये देने की घोषणा की।
- AI और पर्यटन का संगम: आधुनिक तकनीक (AI) के जरिए पर्यटक तीर्थ स्थलों के साथ डिजिटल फोटो खिंचवा सकेंगे।
‘वंदे मातरम्’—राष्ट्रजागरण के 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा
इस भव्य प्रदर्शनी का सबसे बड़ा आकर्षण राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ (Vande Mataram) की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर केंद्रित विशेष खंड है।
- इसमें ‘वंदे मातरम्’ की रचना से लेकर भारत के स्वतंत्रता आंदोलन (Freedom Struggle) में इसके ‘राष्ट्रजागरण के मंत्र’ के रूप में स्थापित होने तक के सफर को ऐतिहासिक दस्तावेजों और दुर्लभ छायाचित्रों (Photographs) के जरिए प्रस्तुत किया गया है।
- मुख्यमंत्री ने कहा कि इस गीत के ओजस्वी स्वर ने क्रांतिकारियों में नई ऊर्जा का संचार किया था। इस खंड को विशेष स्थान देकर नई पीढ़ी को इस ऐतिहासिक मंत्र की ताकत और राष्ट्रभाव से परिचित कराने का सार्थक प्रयास किया गया है।
छत्तीसगढ़ के अमर बलिदानियों और गांधीजी के प्रवास की यादें
भारत के स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) का योगदान कितना व्यापक और महत्वपूर्ण रहा है, इसका जीवंत प्रमाण इस प्रदर्शनी में मिलता है।
- प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों, जननायकों और बलिदानियों से जुड़े कई दुर्लभ दस्तावेज और प्रसंग यहां प्रदर्शित किए गए हैं।
- इसके अलावा, महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) के छत्तीसगढ़ प्रवास और राज्य में हुए प्रमुख सामाजिक और राष्ट्रीय आंदोलनों को भी इस प्रदर्शनी में विशेष प्रमुखता दी गई है।
टाउन हॉल और शहीद स्मारक के लिए 50-50 लाख की घोषणा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर राजधानी रायपुर की दो प्रमुख ऐतिहासिक धरोहरों—टाउन हॉल (कचहरी चौक) और शहीद स्मारक के संरक्षण, साज-सज्जा और नवीनीकरण के लिए 50-50 लाख रुपये की बड़ी सौगात देने की घोषणा की। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ‘विरासत से विकास तक’ की सोच पर आगे बढ़ रही है। इन धरोहरों का संरक्षण हमारी समृद्ध संस्कृति और बलिदानियों के प्रति सम्मान की सच्ची अभिव्यक्ति है।
योजनाओं ने बदली जिंदगी: सुशासन की झलक
प्रदर्शनी का एक बड़ा हिस्सा राज्य सरकार (CG Govt) की जनकल्याणकारी योजनाओं पर केंद्रित है। इसमें महिलाओं, किसानों, युवाओं और जरूरतमंदों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को छायाचित्रों के जरिए दिखाया गया है।
- महतारी वंदन योजना: महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की झलक।
- कृषक उन्नति योजना: किसानों को मिल रहे 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान मूल्य और संबल का चित्रण।
- प्रधानमंत्री आवास योजना: जरूरतमंदों के पक्के मकान के सपनों का साकार होना। इसके अलावा, डिजिटल पंजीयन, सुशासन तिहार और बेहतर सड़क एवं रेल संपर्क जैसे आधुनिक अधोसंरचना (Infrastructure) के कार्यों को भी प्रमुखता से दिखाया गया है।
AI से जुड़ी विरासत और विजिटर डायरी का आकर्षण
प्रदर्शनी में तकनीक और विरासत का बेहतरीन संगम देखने को मिल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित पहल के जरिए यहां आने वाले लोग प्रदेश के प्रमुख तीर्थ और पर्यटन स्थलों (Tourist Places) की पृष्ठभूमि के साथ अपनी डिजिटल तस्वीर तैयार करा सकते हैं, जो विशेषकर युवाओं और बच्चों को आकर्षित कर रही है। कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री श्री साय ने विजिटर बुक में अपने विचार भी दर्ज किए और प्रदेशवासियों से इस प्रदर्शनी को देखने की अपील की।
कब तक देख सकते हैं प्रदर्शनी? कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में आयोजित यह विशेष 7 दिवसीय प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त 2026 तक चलेगी। यह प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से रात 8:00 बजे तक आम नागरिकों के अवलोकन के लिए निःशुल्क खुली रहेगी।






