Parliament Ruckus: ‘दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा…’, विपक्ष पर भड़के अमित शाह, तो राहुल गांधी ने मांग लिया इस्तीफा

Parliament Ruckus: संसद के मानसून सत्र (Parliament Monsoon Session) में नीट (NEET) परीक्षा सहित अन्य मुद्दों पर लगातार हो रहे हंगामे के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा है कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष ही संसद नहीं चलने दे रहा। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने शाह के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर उनका इस्तीफा मांग लिया है।
खबर की मुख्य बातें (Highlights)
- अमित शाह की चुनौती: गृह मंत्री ने कहा- विपक्ष आज स्पीकर को पत्र दे, मैं कल 3 बजे तक हर सवाल का जवाब दूंगा।
- विपक्ष पर हमला: शाह ने कहा कि ‘लापता, भगोड़े’ जैसी भाषा संसदीय इतिहास में पहली बार सुनी जा रही है।
- राहुल गांधी का पलटवार: राहुल ने कहा- हमें अमित शाह का लेक्चर नहीं सुनना, बस यह बताएं कि छात्रों पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया?
- इस्तीफे की मांग: कांग्रेस नेता ने कहा कि आदेश देने और न देने, दोनों ही स्थिति में अमित शाह को इस्तीफा देना चाहिए।
‘कल 3 बजे तक मैं हर सवाल का जवाब दूंगा’
बुधवार को मीडिया को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार शुरू से ही कह रही है कि वह नीट परीक्षा सहित सभी गंभीर विषयों पर चर्चा के लिए तैयार है।
उन्होंने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा, “मैं चैनलों के माध्यम से विपक्ष से कहना चाहता हूं कि आप एक पत्र लिखकर दोपहर 2 बजे तक स्पीकर को दे दीजिए। हम 3 बजे से चर्चा चालू कर देंगे और मैं कल दोपहर 3 बजे तक हर सवाल का जवाब दूंगा।” शाह ने कहा कि चर्चा के लिए नियम बने हैं, इसके बावजूद विपक्ष केवल एक स्टेटमेंट मांग रहा है। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर स्पीकर अनुमति दें, तो सरकार प्रश्नकाल सस्पेंड करने के लिए भी तैयार है। “मैं खुद बैठूंगा। हर चीज लिखूंगा और हर सवाल का जवाब दूंगा। जिससे देश की जनता के सामने दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए,” शाह ने जोड़ा।
विपक्ष पर बरसे शाह- ‘संसदीय इतिहास में पहली बार ऐसी भाषा’
लगातार हो रहे हंगामे पर नाराजगी जताते हुए अमित शाह ने विपक्ष पर सदन को न चलने देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “पहले तो लापता, भाग गए, भगोड़े हैं, इस तरह की भाषा संसदीय इतिहास में पहली बार सुनी गई है। जबसे संसद सत्र शुरू हुआ, तब से मैं लगातार संसद में आता हूं। मेरे चैंबर में बैठा हूं। लेकिन क्योंकि विपक्ष दोनों ही सदनों में कार्यवाही चलने ही नहीं दे रहा तो कोई जाकर क्या करेगा।”
शाह ने साफ किया कि संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू पहले ही कह चुके हैं कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है। अब यह जनता को तय करना है कि चर्चा से कौन भाग रहा है।
राहुल गांधी का पलटवार- ‘हमें अमित शाह का लेक्चर नहीं सुनना’
अमित शाह के इस बयान के सामने आते ही राहुल गांधी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए गृह मंत्री से सीधा सवाल पूछा। राहुल ने कहा कि विपक्ष को चर्चा के नियमों पर कोई लेक्चर नहीं सुनना है।
राहुल गांधी ने कहा, “हमें अमित शाह जी का लेक्चर नहीं सुनना। हम सिर्फ एक बात में दिलचस्पी रखते हैं। हमें जानना है कि युवाओं को गोली किसने मारी? छात्रों पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया… ये ऑर्डर होम मिनिस्ट्री से मिलते हैं।”
‘अपराधी हैं या अक्षम, दोनों स्थिति में दें इस्तीफा’ राहुल गांधी ने गृह मंत्री पर तीखा प्रहार करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा, “क्या अमित शाह ने हमारे बच्चों को मारने का आदेश दिया? अगर उन्होंने ऐसा किया है, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि वो अपराधी हैं। अगर उन्होंने आदेश नहीं दिया तो भी उन्हें इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि वो सक्षम नहीं हैं।”
संसद में गतिरोध फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। अब देखना यह है कि सरकार के इस प्रस्ताव और विपक्ष की आक्रामक मांग के बीच मानसून सत्र की कार्यवाही आगे कैसे बढ़ती है।






