Chhattisgarh Monsoon Update 2026: 5 दिनों तक बारिश का अलर्ट, जानें आपके जिले का हाल

छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल रहा है। (Chhattisgarh Monsoon Update 2026) आने वाले 5 दिनों तक सूबे के कई हिस्सों में झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तरी छत्तीसगढ़ के जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
प्रदेश में मानसून की अब तक की स्थिति, Chhattisgarh Monsoon Update 2026
अगर हम मानसून के अब तक के सफर पर नज़र डालें, तो स्थिति काफी हद तक संतुलित बनी हुई है। 1 जून से 2 अगस्त 2026 तक प्रदेश में औसतन 566.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है। कायदे से इस दौरान 594.6 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। इसका मतलब है कि सूबे में सामान्य से करीब 5% कम बारिश हुई है। हालांकि, मौसम विभाग के पैमानों के अनुसार इसे ‘सामान्य’ (Normal) श्रेणी में ही रखा गया है।
मंगलवार दोपहर राजधानी रायपुर और भिलाई के इलाकों में अच्छी बारिश देखने को मिली। इसी बारिश के चलते रायपुर के विधानसभा क्षेत्र में स्थित गैलेक्सी ग्रीन सोसायटी में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई, जिससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ज़रूरी बात…Chhattisgarh Monsoon Update 2026
- छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिनों तक हल्की से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
- 1 जून से अब तक प्रदेश में सामान्य से 5% कम (566.5 मिमी) बारिश हुई है।
- नारायणपुर में सबसे ज्यादा, जबकि सरगुजा में सबसे कम बारिश दर्ज की गई है।
- सरगुजा में बिजली गिरने से एक महिला की मौत और धमतरी में डूबे मछुआरे का शव मिला।
- राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म (34 डिग्री) और पेंड्रा रोड सबसे ठंडा (21.8 डिग्री) शहर रहा।
सरगुजा में आसमानी आफत और धमतरी में हादसा
मौसम की इस करवट ने कुछ जगहों पर मातम भी बिखेर दिया है। (Chhattisgarh Monsoon Update 2026) सरगुजा जिले के ग्राम जजगा में एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां खेत में धान का रोपा लगा रही 37 वर्षीय कमला भगत की आसमानी बिजली गिरने से मौत हो गई।
दूसरी ओर, धमतरी जिले में 27 जुलाई को महानदी के साहनी घाट में तेज बहाव के चलते बह गए 36 वर्षीय मछुआरे गुलाल सोरी का शव पूरे 8 दिन बाद रेस्क्यू टीम ने बरामद कर लिया है। ये घटनाएं दिखाती हैं कि मानसून के इस मौसम में आम अवाम को कितनी ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।
जिलों में बारिश का असमान वितरण
भले ही पूरे सूबे का औसत सामान्य हो, लेकिन अलग-अलग जिलों के आंकड़ों पर गौर करें तो बारिश का वितरण बेहद असमान है। नारायणपुर जिले में सबसे ज्यादा मेहरबानी बादलों ने दिखाई है।(Chhattisgarh Monsoon Update 2026) वहां अब तक 997.8 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 61% ज्यादा है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ में भी 65% ज्यादा पानी गिरा है। जांजगीर-चांपा, महासमुंद, गरियाबंद, बालोद और बलौदाबाजार जैसे जिलों में भी बारिश का कोटा सामान्य से ज्यादा रहा है।
इसके उलट, 6 जिले ऐसे हैं जो अभी भी बारिश की बूंदों के लिए तरस रहे हैं। इनमें सरगुजा सबसे ऊपर है, जहां सामान्य से 53% कम पानी बरसा है। जशपुर में 48%, बेमेतरा में 40% और कांकेर, सूरजपुर जैसे जिलों में भी काफी कम बारिश हुई है। छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विभाग और मौसम विज्ञानियों ने इन जिलों को डेफिसिएंट (Deficient) श्रेणी में रखा है।
अगस्त का महीना खेती के लिए क्यों है अहम?
Chhattisgarh Monsoon Update 2026: छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और यहां की पूरी किसानी मानसून पर निर्भर करती है। जानकारों के मुताबिक, जुलाई के आखिर तक सूबे में बारिश लगभग सामान्य स्तर पर आ चुकी है। अब अगर अगस्त में भी इसी तरह अच्छी बारिश होती है, तो धान और खरीफ की दूसरी फसलों को बहुत फायदा पहुंचेगा। अगस्त का महीना धान की फसल की बढ़त के लिए सबसे नाजुक और अहम माना जाता है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों की बारिश किसानों के चेहरों पर मुस्कान लेकर आएगी।






