Yami Gautam ने किया बड़ा खुलासा- ‘Uri’ और ‘Bala’ से पहले बॉलीवुड छोड़ने का बना लिया था मन, वापस लौटना चाहती थीं हिमाचल

Yami Gautam, Bollywood News: बॉलीवुड की सफल अभिनेत्रियों में शुमार यामी गौतम (Yami Gautam) आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। साल 2012 में फिल्म ‘विकी डोनर’ (Vicky Donor) से अपने अभिनय करियर की शानदार शुरुआत करने वाली यामी ने हाल ही में अपने शुरुआती दिनों को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। अभिनेत्री ने बताया कि ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ और ‘बाला’ जैसी हिट फिल्मों से पहले एक वक्त ऐसा भी आया था, जब उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री को हमेशा के लिए अलविदा कहने का मन बना लिया था।
खबर की मुख्य बातें (Highlights)
- इंडस्ट्री छोड़ने का फैसला: ‘विकी डोनर’ के बाद अच्छे मौके न मिलने पर यामी गौतम ने एक्टिंग छोड़ने का मन बना लिया था।
- हिमाचल लौटने की थी तैयारी: मुंबई की चकाचौंध छोड़कर, खेती करने और एक अलग जिंदगी जीने के लिए हिमाचल प्रदेश वापस जाना चाहती थीं।
- माता-पिता का मिला साथ: मुश्किल वक्त में परिवार ने किया सपोर्ट, माता-पिता ने कहा- ‘घर वापस आ जाओ’।
- आउटसाइडर का दर्द: यामी ने बताया कि बाहरी होने के कारण इंडस्ट्री में खुद को बार-बार साबित करना पड़ता है।
‘विकी डोनर’ के बाद नहीं मिले अच्छे मौके
फिल्मफेयर से एक खास बातचीत के दौरान यामी गौतम ने अपने संघर्ष के दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि उनकी पहली फिल्म ‘विकी डोनर’ बॉक्स ऑफिस पर सफल रही थी, लेकिन इसके बावजूद उनके लॉन्च को ‘अपरंपरागत’ माना गया, क्योंकि उन्हें एक टिपिकल बॉलीवुड हीरोइन की तरह पर्दे पर इंट्रोड्यूस नहीं किया गया था। यामी ने स्वीकार किया कि लोगों की इस सोच का उनके करियर पर गहरा असर पड़ा। सालों तक अच्छे रोल और मौकों का इंतजार करने के बाद, उन्होंने हार मानकर एक्टिंग छोड़ने का विचार कर लिया था।
हिमाचल वापस जाकर खेती करना चाहती थीं यामी
अपने उस मुश्किल दौर का जिक्र करते हुए यामी ने कहा, “उरी और बाला से ठीक पहले, मैंने इंडस्ट्री छोड़ने का मन बना लिया था। मैंने सोचा था कि मैं हिमाचल वापस चली जाऊंगी। वहां हमारे खेत हैं और मैंने बिल्कुल एक अलग जिंदगी जीने के बारे में सोचा था।” उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता बहुत सपोर्टिव थे और उन्होंने यामी से कहा था कि वह बेझिझक घर वापस आ सकती हैं।
यामी ने आगे बताया कि जैसे ही उन्होंने डर की वजह से इंडस्ट्री से चिपके रहने की जिद छोड़ी, अचानक सब कुछ बदल गया। उन्हें ‘उरी’ मिली, फिर ‘बाला’ रिलीज हुई और उनके करियर ने रातों-रात एक नई उड़ान भर ली।
आउटसाइडर होने की चुनौतियों पर क्या बोलीं यामी?
बॉलीवुड में आउटसाइडर की बहस पर बात करते हुए यामी ने अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कहा कि आउटसाइडर होना बेहद मुश्किल था, क्योंकि आपको लगातार खुद को साबित करना पड़ता है। उन्होंने कहा, “कभी-कभी आपको लगता है कि आप किसी खास मौके के लिए बिल्कुल तैयार हैं, लेकिन फिर भी किसी और को लगातार मौके मिलते हैं क्योंकि वो पहले से इस इकोसिस्टम का हिस्सा हैं। आप सोचने लगते हैं कि अगर मुझे इतने मौके मिलते, तो क्या मैं भी एक एक्टर के तौर पर आगे नहीं बढ़ती? ये सबसे ज्यादा परेशान करता है।”
हालांकि, यामी का मानना है कि अब सिनेमा बदल रहा है। आज के दर्शकों को इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि कलाकार कहां से आता है, बल्कि उन्हें सिर्फ इस चीज से फर्क पड़ता है कि क्या आप एक अच्छे एक्टर हैं और आपकी फिल्म देखने लायक है या नहीं। बता दें कि साल 2019 में रिलीज हुई यामी गौतम की ‘उरी’ और ‘बाला’ दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई थीं।






