छत्तीसगढ़ में ‘डिजिटल’ धांधली: AI से हल किए जा रहे थे CSVTU के पेपर, 500 छात्र राडार पर

CSVTU Exam Cheating:छत्तीसगढ़ से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला 1 बेहद गंभीर मामला सामने आया है। प्रदेश के स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU) के तहत संचालित डी. फार्मेसी की परीक्षाओं में खुलेआम नकल चल रही थी। जांजगीर-चांपा जिले के 4 महाविद्यालयों में एआई (AI) और मोबाइल ऐप्स की मदद से धड़ल्ले से पेपर हल किए जा रहे थे। इस चौंकाने वाले मामले में 500 से अधिक छात्रों को आरोपी पाया गया है।
30 मिनट पहले ही WhatsApp पर आ गया था पेपर
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरुण अरोड़ा को जब इस धांधली की भनक लगी, तो उन्होंने तत्काल 4 जांच दलों (उड़नदस्ते) का गठन कर जांजगीर-चांपा भेजा। जब इन टीमों ने परीक्षा केंद्रों पर दबिश दी, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी दंग रह गए। जांच में खुलासा हुआ कि परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट पहले ही प्रश्न पत्र और उनके सटीक हल व्हाट्सएप पर वायरल हो चुके थे।
AI से लिखे जा रहे थे लंबे-लंबे उत्तर
छात्रों ने नकल के लिए अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया। कई केंद्रों पर परीक्षार्थी मोबाइल फोन के जरिए एआई (Artificial Intelligence) ऐप्स की मदद से लंबे-लंबे उत्तर लिख रहे थे। नकल इतने बड़े पैमाने पर थी कि अधिकांश छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं में बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQs) के जवाब हूबहू 1 जैसे पाए गए।
कॉलेजों की मिलीभगत और चौंकाने वाले खुलासे
उड़नदस्ते की जांच में कई कॉलेजों की घोर लापरवाही और मिलीभगत भी सामने आई है:
- केसरी कॉलेज ऑफ फार्मेसी (जांजगीर-चांपा): इस कॉलेज के प्रबंधन ने जांच दल का सहयोग करने के बजाय CCTV का DVR देने से साफ इनकार कर दिया।
- ज्ञान रोशनी फार्मेसी कॉलेज: यहां तो हद ही हो गई; पर्यवेक्षक की टेबल से ही 20 पन्नों की नकल सामग्री बरामद की गई।
- संस्कृति इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी (पामगढ़): यहां 8 कमरों में परीक्षा चल रही थी, लेकिन पर्याप्त स्टाफ ही नहीं था। सबसे बड़ी बात, यहां तैनात शिक्षक कमल कुमार के फोन में ही परीक्षा के उत्तरों की सॉफ्ट कॉपी मिली।
इस पूरे नकल गिरोह के तार ‘आयुष कॉलेज ऑफ फार्मेसी’ (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) से भी जुड़े मिले हैं, जहां 1 संदिग्ध शख्स को दबोच कर पूछताछ की जा रही है।



