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Online Betting in Raipur: ऑनलाइन सट्टा मामले में नमन जग्गी और आयुष जैन गिरफ्तार, रायपुर पुलिस की कार्रवाई

रायपुर में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ऑनलाइन सट्टा कारोबार(Online Betting in Raipur) के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों नमन जग्गी और आयुष जैन को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क संचालित कर रहे थे और पूरे छत्तीसगढ़ में आईडी एवं बुक बेचकर लोगों को सट्टा खिलाया जा रहा था। मामले में रायपुर पुलिस ने 9 अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

इस कार्रवाई के बाद रायपुर समेत पूरे प्रदेश में ऑनलाइन सट्टा कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क के तार अन्य राज्यों और बड़े सट्टेबाज गिरोहों से भी जुड़े हो सकते हैं।

कैसे चल रहा था ऑनलाइन सट्टे का पूरा खेल

Online Betting in Raipur: पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी क्रिकेट मैच, आईपीएल, चुनाव, कैसीनो गेम और अन्य ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को सट्टा खेलने के लिए प्रेरित करते थे। इसके लिए वे विशेष प्रकार की सट्टा आईडी और बुक पैनल उपलब्ध कराते थे।

इन आईडी के जरिए लोग अपने मोबाइल फोन से आसानी से लाखों रुपये का दांव लगाते थे। आरोपी सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप ग्रुप और टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से नए ग्राहकों को जोड़ते थे।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने सट्टा कारोबार को विस्तार देने के लिए कई एजेंट नियुक्त किए थे, जो अलग-अलग जिलों में लोगों तक सट्टा आईडी पहुंचाने का काम करते थे।

पुलिस को कैसे मिली सूचना

रायपुर पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि शहर में ऑनलाइन सट्टे का कारोबार तेजी से फैल रहा है। इसके बाद साइबर सेल और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने कई दिनों तक गुप्त निगरानी की।

तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को कुछ मोबाइल नंबर, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली। इसके आधार पर टीम ने संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी और नमन जग्गी एवं आयुष जैन को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और सट्टा संचालन से जुड़े डिजिटल दस्तावेज जब्त किए हैं।

आईडी-बुक बेचकर कमाते थे मोटा कमीशन

जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद सीधे सट्टा नहीं खिलाते थे, बल्कि वे विभिन्न लोगों को आईडी और बुक बेचते थे। प्रत्येक आईडी पर कमीशन तय होता था और हार-जीत के हिसाब से बड़ी रकम का लेन-देन होता था।

सूत्रों के मुताबिक:

  • एक आईडी हजारों रुपये में बेची जाती थी
  • हारने वाले खिलाड़ियों से तुरंत ऑनलाइन पेमेंट लिया जाता था
  • जीतने वालों को चुनिंदा मामलों में भुगतान किया जाता था
  • डिजिटल वॉलेट और बैंक खातों के जरिए रकम ट्रांसफर होती थी

पुलिस को संदेह है कि इस नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया है।

9 संदिग्धों से लगातार पूछताछ जारी

रायपुर पुलिस ने इस मामले में 9 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इनसे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि:

  • सट्टा संचालन का मास्टरमाइंड कौन है
  • पैसे कहां-कहां ट्रांसफर किए गए
  • किन जिलों में एजेंट सक्रिय थे
  • क्या हवाला कनेक्शन भी मौजूद है
  • क्या अन्य राज्यों से लिंक जुड़े हैं

पूछताछ के आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

ऑनलाइन सट्टे का छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ता जाल

पिछले कुछ वर्षों में छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन सट्टा तेजी से बढ़ा है। मोबाइल इंटरनेट और डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल ने इस अवैध कारोबार को आसान बना दिया है।

युवाओं को तेजी से पैसा कमाने का लालच देकर ऑनलाइन सट्टे में फंसाया जा रहा है। कई लोग भारी कर्ज में डूब चुके हैं जबकि कई परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन सट्टा केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि सामाजिक समस्या भी बनता जा रहा है।

साइबर तकनीक का इस्तेमाल कर रहे सट्टेबाज

ऑनलाइन सट्टा गिरोह अब पारंपरिक तरीके छोड़कर हाईटेक सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी:

  • फर्जी बैंक खातों का उपयोग करते हैं
  • VPN और विदेशी सर्वर इस्तेमाल करते हैं
  • एन्क्रिप्टेड चैट एप का उपयोग करते हैं
  • नकली नामों से सिम कार्ड लेते हैं
  • डिजिटल वॉलेट के जरिए ट्रांजेक्शन करते हैं

इसी वजह से ऐसे मामलों की जांच चुनौतीपूर्ण बन जाती है।

रायपुर पुलिस की साइबर टीम कर रही डिजिटल जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर एक्सपर्ट्स की मदद ली जा रही है। जब्त किए गए मोबाइल और लैपटॉप की फॉरेंसिक जांच की जा रही है।

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि:

  • कितने लोगों को आईडी दी गई
  • कितनी रकम का ट्रांजेक्शन हुआ
  • कौन-कौन से बैंक खाते इस्तेमाल हुए
  • किन एप्स के जरिए सट्टा संचालित हुआ

डिजिटल डेटा रिकवर होने के बाद कई बड़े खुलासे होने की संभावना है।

आईपीएल और क्रिकेट मैचों के दौरान बढ़ जाता है सट्टा कारोबार

सूत्रों के अनुसार क्रिकेट सीजन के दौरान ऑनलाइन सट्टा कारोबार सबसे ज्यादा सक्रिय रहता है। आईपीएल, इंटरनेशनल मैच और बड़े टूर्नामेंट के समय लाखों रुपये का दांव लगाया जाता है।

सट्टेबाज हर गेंद, रन, विकेट और मैच के नतीजे पर अलग-अलग रेट तय करते हैं। इसके लिए विशेष सॉफ्टवेयर और लाइव अपडेट सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है।

पुलिस ने लोगों से की अपील

रायपुर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन सट्टा गतिविधियों से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन सट्टा कानूनन अपराध है और इसमें शामिल पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे संभव

नमन जग्गी और आयुष जैन की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ और डिजिटल जांच से कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

संभावना जताई जा रही है कि इस नेटवर्क के जरिए प्रदेश के कई जिलों में सट्टा संचालन हो रहा था। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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