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Business News: 4 मई को सोने-चांदी की कीमतों में आया बदलाव, चेक करें 22K, 24K और 18K के लेटेस्ट रेट्स

Gold Silver Rate Today:देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव के नतीजे आ रहे हैं और इसी चुनावी गहमागहमी के बीच सर्राफा बाजार से ग्राहकों के लिए एक अच्छी खबर आई है। 4 मई को सोने और चांदी की कीमतों (Gold Silver Rate Today) में गिरावट देखने को मिली है।

एमसीएक्स (MCX) से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक, दोनों कीमती धातुओं के रेट फिसल गए हैं। आइए जानते हैं कि आज अलग-अलग शहरों में 22 कैरेट, 24 कैरेट सोने और चांदी के क्या भाव चल रहे हैं।

MCX और इंटरनेशनल मार्केट का हाल

आज घरेलू वायदा बाजार यानी एमसीएक्स पर सोने और चांदी दोनों में नरमी देखी जा रही है:

  • सोना (MCX): सोने का दाम 171 रुपये फिसलकर 1,51,181 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है।
  • चांदी (MCX): चांदी का भाव 1,164 रुपये गिरकर 2,45,138 रुपये (प्रति 10 ग्राम/निर्धारित लॉट) के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार: कॉमैक्स (COMEX) पर सोना 0.54% गिरकर $4619 प्रति औंस और चांदी 0.61% की गिरावट के साथ $75.935 प्रति औंस पर ट्रेड कर रही है।

देश के प्रमुख शहरों में 4 मई का सोने का भाव (Gold Rate Citywise)

अलग-अलग शहरों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के रेट इस प्रकार हैं:

  • दिल्ली: 24 कैरेट सोना 1,51,220 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,38,490 रुपये प्रति 10 ग्राम।
  • मुंबई और कोलकाता: 24 कैरेट सोना 1,50,920 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,38,340 रुपये प्रति 10 ग्राम।
  • चेन्नई: 24 कैरेट सोना 1,52,720 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,39,990 रुपये प्रति 10 ग्राम।
  • पुणे और बेंगलुरु: 24 कैरेट सोना 1,50,920 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,38,340 रुपये प्रति 10 ग्राम।

शहरों के अनुसार चांदी का भाव (Silver Rate Citywise)

चांदी की कीमतों में भी उत्तर और दक्षिण भारत के बीच थोड़ा अंतर देखने को मिल रहा है:

  • दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, कोलकाता, यूपी, बिहार और चंडीगढ़: इन शहरों में चांदी का भाव करीब 2,64,900 रुपये प्रति किलोग्राम चल रहा है।
  • चेन्नई और हैदराबाद: दक्षिण भारत में चांदी के रेट थोड़े ऊंचे हैं, जहां यह करीब 2,69,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है।

क्यों आई सोने-चांदी में गिरावट?

बाजार के जानकारों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं:

भू-राजनीतिक घटनाक्रम: निवेशकों की नजर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता पर भी बनी हुई है, जिसका असर सीधे वैश्विक बाजार के सेंटिमेंट पर पड़ रहा है।

कच्चे तेल की कीमतें और ब्याज दरें: कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है। ऊंची ब्याज दरों के माहौल में निवेशक सोने के बजाय सरकारी बॉन्ड (US Treasuries) की ओर रुख करते हैं।

फेडरल रिजर्व का सख्त रुख: पिछले हफ्ते फेड ने दरों में कोई बदलाव नहीं किया, जिससे इस साल दरों में कटौती की उम्मीदें कम हो गई हैं।

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