
लोकसभा में इन दिनों महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर तीखी और गंभीर बहस चल रही है। इसी बीच, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान एक ऐसा निजी और दिलचस्प किस्सा साझा किया, जिसने पूरे सदन का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। राहुल गांधी ने महिलाओं की ताकत और उनकी सीख का जिक्र करते हुए अपनी दादी और देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से जुड़ा बचपन का एक प्रेरक वाकया सुनाया।
जब अंधेरे गार्डन में अकेले छूट गए थे राहुल
राहुल गांधी ने संसद में बोलते हुए बताया कि कैसे हर इंसान अपने जीवन में महिलाओं से प्रभावित होता है और उनसे बहुत कुछ सीखता है।
- इसी बात को समझाते हुए उन्होंने अपने बचपन की कहानी शुरू की। राहुल ने बताया कि जब वे छोटे बच्चे थे, तो उन्हें अंधेरे से बहुत ज्यादा डर लगता था।
- दरअसल, उनके घर में एक कुत्ता था जो अक्सर उन पर और उनकी बहन पर हमला करने की कोशिश करता था। इसी कुत्ते के डर से वे लोग रात के समय गार्डन में जाने से घबराते थे।
- राहुल ने बताया कि एक दिन उनके माता-पिता डिनर के लिए बाहर गए हुए थे। उसी दौरान उनकी दादी इंदिरा गांधी उन्हें अपने साथ लेकर गईं और घर के एक घने और अंधेरे गार्डन में उन्हें अकेला छोड़कर थोड़ा आगे चली गईं।
“अंधेरे में मेरी तो हवा निकल गई”
राहुल गांधी ने उस खौफनाक पल को याद करते हुए बेहद दिलचस्प अंदाज में अपनी बात रखी।
- उन्होंने सदन को बताया कि दूर से उन्हें अपनी दादी की साड़ी तो दिख रही थी, लेकिन उस घुप्प अंधेरे में उनकी पूरी तरह से हवा निकल गई थी।
- राहुल को लगा कि आज तो उनकी खैर नहीं है। हालांकि, अंदर से वह इतने डरे हुए थे कि उनमें इतनी हिम्मत ही नहीं थी कि वह अपनी दादी को आवाज देकर कह सकें कि वह वहां नहीं रुकना चाहते।
- राहुल ने बताया कि वह वाकया मुश्किल से 2 या 3 मिनट का ही रहा होगा, लेकिन एक डरे हुए बच्चे के लिए वह समय 2 घंटे के बराबर लग रहा था।
दादी इंदिरा गांधी की वह बड़ी सीख
कुछ देर बाद जब इंदिरा गांधी वापस लौटीं, तो उन्होंने राहुल से एक ऐसा सवाल पूछा जिसने उनके सोचने का नजरिया बदल दिया।
- इंदिरा गांधी ने पूछा कि आखिर वह किस बात से इतना डर रहे हैं? इसके जवाब में राहुल ने कहा कि वह उस कुत्ते से डर रहे हैं, जिसके बारे में पता तक नहीं कि वह कब आकर काट ले।
- इसके अलावा, उन्हें उन अजीबोगरीब चीजों से भी डर लग रहा था जो वास्तव में वहां मौजूद ही नहीं थीं।
- इस पर इंदिरा गांधी ने राहुल को जिंदगी की एक बहुत बड़ी सीख दी। उन्होंने कहा कि तुम्हें अंधेरे या किसी कुत्ते से डर नहीं लग रहा है, बल्कि यह डर तो वास्तव में तुम्हारे अपने दिमाग के अंदर बैठा हुआ है।
राहुल गांधी ने इस कहानी के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि महिलाएं न सिर्फ परिवार चलाती हैं, बल्कि वे निडरता और राष्ट्रीय सोच की एक बहुत बड़ी प्रेरक शक्ति भी होती हैं।



