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CG Census 2027: कर्मचारियों की छुट्टियों पर 10 जून तक लगी रोक, बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई

छत्तीसगढ़ में आगामी जनगणना 2027 (CG Census 2027) की तैयारियों ने अब जोर पकड़ लिया है। इस विशाल और राष्ट्रीय महत्व के काम को समय सीमा के भीतर और पूरी तरह से त्रुटिहीन तरीके से पूरा करने के लिए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। इसी कड़ी में राज्य के सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक बेहद सख्त आदेश जारी किया गया है, जिसका सीधा असर उनकी छुट्टियों और दिनचर्या पर पड़ने वाला है।

10 जून तक छुट्टियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध

दरअसल, जनगणना के इस अति महत्वपूर्ण कार्य में लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों पर 10 जून 2026 तक के लिए पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

  • प्रशासन का मानना है कि जनगणना का काम बेहद संवेदनशील है और इसमें किसी भी तरह की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
  • कांकेर समेत प्रदेश के अन्य जिलों के जिलाधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि जनगणना ड्यूटी में लगे कर्मचारी बिना किसी ठोस कारण के छुट्टी पर नहीं जा सकेंगे।
  • इसके अलावा, किसी भी कर्मचारी को बिना पूर्व सूचना और अनुमति के अपना मुख्यालय छोड़ने की सख्त मनाही होगी।

छुट्टी के लिए लेनी होगी विशेष अनुमति

हालांकि, प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि किसी अत्यंत आवश्यक कार्य, मेडिकल इमरजेंसी या विशेष परिस्थिति में छुट्टी ली जा सकती है, लेकिन इसके लिए कड़े नियम बनाए गए हैं।

  • अगर किसी मास्टर ट्रेनर या फील्ड ट्रेनर को छुट्टी चाहिए, तो उन्हें इसके लिए सीधे अपने जिले के कलेक्टर यानी जिला जनगणना अधिकारी से विशेष अनुमति प्राप्त करनी होगी।
  • वहीं दूसरी ओर, प्रगणक (Enumerators) और पर्यवेक्षक (Supervisors) के पद पर तैनात कर्मचारियों को अवकाश के लिए अपने संबंधित अनुविभागीय जनगणना अधिकारी यानी एसडीएम (SDM) स्तर के अधिकारी से पूर्व अनुमति लेनी अनिवार्य होगी।
  • जो भी कर्मचारी इन नियमों का उल्लंघन करेगा या काम से नदारद पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जनगणना के आंकड़े रहेंगे पूरी तरह गोपनीय

इस आदेश में कर्मचारियों की कार्यशैली के साथ-साथ डेटा सुरक्षा को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए हैं।

  • प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान जुटाए गए सभी आंकड़े और व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह से गोपनीय रहेगी।
  • यह सुनिश्चित किया गया है कि यह डेटा आरटीआई (Right to Information) यानी सूचना के अधिकार के दायरे से भी बाहर होगा।
  • इसका सीधा मतलब यह है कि कोई भी व्यक्ति आरटीआई लगाकर किसी नागरिक की व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांग सकेगा।

इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 10 जून 2026 तक जनगणना के काम में कोई भी रुकावट न आए और ड्यूटी में लगाए गए सभी कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी के साथ अपना काम करें।

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