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Nari Shakti Vandan Act: महिला आरक्षण पर संसद में बोले मोदी- नीयत में खोट को नारी शक्ति माफ नहीं करेगी

संसद में महिला आरक्षण से जुड़े 131वें संविधान संशोधन बिल पर हंगामा और तीखी बहस जारी है। इस Nari Shakti Vandan Act के तहत लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने का भी प्रस्ताव है। गुरुवार को लोकसभा में चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि देश की नारी शक्ति उन लोगों को कभी माफ नहीं करेगी, जिनकी नीयत में खोट है।

विपक्ष पर मोदी का तंज और क्रेडिट लेने का ऑफर

नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर राजनीतिक स्वार्थ के लिए बिल को रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश में जब भी चुनाव आता है और महिलाओं को अधिकार देने की बात होती है, तो कुछ लोग इसका विरोध करते हैं।

  • मोदी ने विपक्ष को सीधे तौर पर कहा कि उन्हें इस बिल का क्रेडिट नहीं चाहिए। अगर विपक्ष चाहे तो बिल पास होने के बाद अपना फोटो छपवा ले और पूरा क्रेडिट ले ले।
  • इसके अलावा उन्होंने भरोसा दिलाया कि नए परिसीमन और आरक्षण की प्रक्रिया में किसी भी राज्य के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा।
  • दक्षिण भारतीय राज्यों की चिंताओं को दूर करते हुए उन्होंने गारंटी दी कि जो अनुपात चला आ रहा है, उसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

850 होंगी लोकसभा सीटें, कल शाम 4 बजे होगी वोटिंग

इस नए संशोधन बिल के तहत परिसीमन के बाद लोकसभा सांसदों की संख्या 850 करने का प्रस्ताव रखा गया है।

  • बिलों पर विस्तृत चर्चा के लिए 16 और 17 अप्रैल को कुल 15 घंटे का समय तय किया गया है।
  • कल यानी 17 अप्रैल की शाम 4 बजे इस ऐतिहासिक बिल पर लोकसभा में वोटिंग की जाएगी।
  • सत्ता पक्ष की ओर से अर्जुन राम मेघवाल, बांसुरी स्वराज और कंगना रनोट जैसी महिला सांसद इस बहस में हिस्सा ले रही हैं।

अखिलेश यादव और कांग्रेस का परिसीमन पर विरोध

दूसरी तरफ, विपक्ष इस बिल को लेकर लगातार सरकार पर साजिश रचने का आरोप लगा रहा है।

  • समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने कहा कि वे महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जिस तरीके से यह बिल लाया जा रहा है, वह पिछड़ों और मुसलमानों के खिलाफ है।
  • दरअसल अखिलेश यादव की मांग है कि परिसीमन से पहले जातिगत जनगणना होनी चाहिए और 33 प्रतिशत महिला आरक्षण में पिछड़ी व मुस्लिम महिलाओं को भी शामिल किया जाना चाहिए।
  • वहीं कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने भी बिल का विरोध करते हुए नोटिस दिया है। कांग्रेस का तर्क है कि इस परिसीमन से दक्षिण भारतीय राज्यों को राजनीतिक रूप से भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

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