Shashank Singh IPL 2026: भिलाई के शशांक सिंह का संघर्ष, पिता IPS फिर भी 5 साल किया इंतज़ार

इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में पंजाब किंग्स के धाकड़ ऑलराउंडर शशांक सिंह (Shashank Singh IPL 2026) अपने बेहतरीन प्रदर्शन से पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक शहर भिलाई में 21 नवंबर 1991 को जन्मे इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी का क्रिकेट सफर किसी प्रेरणादायक फिल्मी कहानी से कम नहीं है। दरअसल उनके पिता शैलेश सिंह एक रिटायर आईपीएस अधिकारी हैं, जो मध्य प्रदेश में स्पेशल डीजी के पद पर सेवाएं दे चुके हैं। इसके बावजूद शशांक ने बिना किसी सिफारिश या शॉर्टकट के अपनी मेहनत से क्रिकेट की दुनिया में यह मुकाम हासिल किया है। हालांकि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्हें लंबे समय तक कड़ा संघर्ष करना पड़ा और कई निराशाजनक पलों का सामना करना पड़ा।
5 सालों का लंबा इंतजार और घरेलू क्रिकेट का सफर
शशांक का क्रिकेट करियर बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है और उन्होंने अपनी जगह पक्की करने के लिए कई राज्यों का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने लिस्ट ए क्रिकेट में अपना डेब्यू 10 दिसंबर 2015 को मुंबई की तरफ से किया था।
- साल 2017 में उन्हें पहली बार दिल्ली डेयरडेविल्स ने 10 लाख रुपये की बेस प्राइस पर खरीदा था, लेकिन उन्हें खेलने का कोई मौका नहीं मिला।
- इसके अलावा वे राजस्थान रॉयल्स टीम का भी हिस्सा रहे, लेकिन वहां भी वे कई सालों तक केवल बेंच पर ही बैठे रहे।
- घरेलू स्तर पर खुद को साबित करने के लिए उन्होंने साल 2018 में पुडुचेरी और अंततः साल 2019 में अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ का रुख किया।
- आखिरकार साल 2022 में सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से उन्हें अपना पहला आईपीएल मैच खेलने का मौका मिला।
परिणामस्वरूप यह साफ है कि एक बड़े अधिकारी का बेटा होने के बावजूद क्रिकेट के मैदान पर उन्हें 5 सालों तक केवल खुद को साबित करने के लिए लगातार पसीना बहाना पड़ा।
पंजाब किंग्स के लिए बने सबसे बड़े मैच विनर
वर्तमान में शशांक सिंह पंजाब किंग्स टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक बन चुके हैं। आईपीएल 2026 के ताज़ा मुकाबलों में उन्होंने न सिर्फ बल्ले से बल्कि अपनी फिरकी गेंदबाजी से भी तहलका मचाया है।
- हाल ही में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एक बेहद अहम मुकाबले में जब पंजाब के गेंदबाज विकेट नहीं ले पा रहे थे, तब कप्तान ने शशांक को गेंद थमाई।
- शशांक ने अपने एक ही ओवर में ट्रेविस हेड और अभिषेक शर्मा जैसे खतरनाक ओपनर्स को आउट करके मैच का पूरा रुख पलट दिया।
- आपको बता दें कि साल 2023 की विजय हजारे ट्रॉफी में शशांक भारत के पहले ऐसे लिस्ट ए क्रिकेटर बने थे, जिन्होंने एक ही मैच में 150 रन बनाने के साथ 5 विकेट भी चटकाए थे।
कुल मिलाकर देखा जाए तो भिलाई के इस युवा खिलाड़ी ने अपने धैर्य और समर्पण से यह साबित कर दिया है कि कामयाबी का कोई विकल्प नहीं होता। आज वे छत्तीसगढ़ और पूरे देश के युवाओं के लिए एक बड़ी मिसाल बन गए हैं।



