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US-Iran Tensions: सीजफायर वार्ता के बीच अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी बोट्स को किया तबाह, जानिए 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स

US Iran Ceasefire Talks:वाशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सीजफायर वार्ता (Ceasefire Talks) के बीच मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव गहरा गया है। मंगलवार को अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के पास बारूदी सुरंग बिछा रही ईरानी बोट्स को अपना निशाना बनाया। इसके साथ ही, बंदर अब्बास पोर्ट (Bandar Abbas Port) के पास स्थित ‘सरफेस टू एयर मिसाइल’ (SAM) साइट पर भी अमेरिकी सेना द्वारा हमला किया गया है।

आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई: सेंटकाम (CENTCOM)

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) ने इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है।

  • हमले का कारण: सेंटकाम के प्रवक्ता टिमोथी हॉकिन्स ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई सेल्फ-डिफेंस (आत्मरक्षा) में की गई है। अमेरिकी सेना का आरोप है कि ईरान द्वारा बारूदी सुरंगें बिछाने से अंतरराष्ट्रीय जहाजों और अमेरिकी युद्धपोतों को गंभीर खतरा हो सकता था।
  • संयम बरतने का दावा: हॉकिन्स ने यह भी कहा कि अमेरिका सीजफायर के दौरान संयम बरत रहा है और यह कदम केवल अपने सैनिकों और युद्धपोतों को खतरे से बचाने के लिए उठाया गया है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिका के इस हमले से दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्ता में थोड़ी रुकावट जरूर पैदा हो सकती है, लेकिन फिलहाल यह वार्ता पूरी तरह रुकती हुई नजर नहीं आ रही है।

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स (Top 5 Updates)

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी और कूटनीतिक वार्ताओं को लेकर पिछले 24 घंटों में कई अहम घटनाक्रम हुए हैं:

क्र.विषयअपडेट (Update)
1.डोनाल्ड ट्रम्प का कड़ा रुखट्रम्प ने कहा है कि वे ईरान के साथ ओबामा जैसी ढीली डील बिल्कुल नहीं करेंगे। उनका स्पष्ट रुख है कि या तो कोई अच्छा समझौता होगा या फिर कुछ भी नहीं होगा।
2.दोहा वार्ता के अहम मुद्देईरान के शीर्ष प्रतिनिधिमंडल की कतर (Doha) यात्रा में होर्मुज स्ट्रेट और ‘हाईली एनरिच्ड यूरेनियम’ का मुद्दा सबसे अहम बना हुआ है। इसके साथ ही ईरान की फ्रीज संपत्तियों को जारी करने पर भी गहन बातचीत हो रही है।
3.समझौते पर दस्तखत नहींकई मीडिया रिपोर्ट्स में रविवार को ही सीजफायर बढ़ाने और होर्मुज खोलने के समझौते की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन अभी तक अमेरिका और ईरान के बीच इस पर आधिकारिक दस्तखत नहीं हो सके हैं।
4.सुप्रीम लीडर का एकाधिकारईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने स्पष्ट कर दिया है कि देश में कोई भी बड़ा फैसला ‘सुप्रीम लीडर’ की अंतिम मंजूरी के बिना नहीं लिया जाएगा।
5.हिजबुल्लाह को ईरान का समर्थनईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने लेबनान और हिजबुल्लाह के समर्थन में खुला संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि इजराइल के खिलाफ ईरान, लेबनान की संप्रभुता के साथ मजबूती से खड़ा है।

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