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Chhattisgarh Unemployment: 7.22 लाख युवा नौकरी की कतार में

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षित युवाओं के लिए रोजगार की स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है। (Chhattisgarh Unemployment) कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 7 लाख 22 हजार 942 युवा फिलहाल रोजगार कार्यालयों में पंजीकृत हैं। इनमें पांचवीं और आठवीं पास से लेकर स्नातकोत्तर, बीई, बीटेक, एमटेक, एमसीए, पीजीडीसीए, आईटीआई और इंजीनियरिंग डिप्लोमा तक की योग्यता वाले अभ्यर्थी शामिल हैं।

किन जिलों में सबसे ज्यादा पंजीयन, Chhattisgarh Unemployment

पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या के लिहाज से बिलासपुर सबसे आगे है, जहां 47,718 युवा दर्ज हैं। इसके बाद दुर्ग में 47,639 और रायपुर में 47,633 पंजीयन हैं। जांजगीर चांपा में 34,518, बालोद में 33,920, कोरबा में 30,446, धमतरी में 28,863, राजनांदगांव में 26,658, सरगुजा में 25,526 और मुंगेली में 22,348 युवा पंजीकृत हैं। यानी पंजीयन केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि मध्यम और छोटे जिलों में भी संख्या बड़ी है।

साल दर साल बढ़ते आंकड़े

Chhattisgarh Unemployment: विभागीय आंकड़ों के अनुसार जनवरी से मार्च 2024 के बीच 1,82,280 पंजीयन हुए। अप्रैल 2024 से मार्च 2025 के दौरान यह संख्या 2,61,963 रही। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच 2,32,731 युवाओं ने पंजीयन कराया, जबकि अप्रैल से जून 2026 की तिमाही में ही 45,968 नए पंजीयन दर्ज हुए। कुल मिलाकर आंकड़ा 7,22,942 तक पहुंच गया है।

निवेश के दावे और जमीनी हकीकत

रिपोर्ट में सामने आया है कि औद्योगिक निवेश की धीमी रफ्तार बेरोजगारी की एक बड़ी वजह है। पिछली सरकार के कार्यकाल में 1.27 लाख करोड़ रुपए के एमओयू पर हस्ताक्षर होने का दावा किया गया था, लेकिन उपलब्ध दस्तावेजी जानकारी के अनुसार इनमें से 10 प्रतिशत निवेश भी वास्तव में जमीन पर नहीं उतर सका। 216 उद्योगों के साथ अनुबंध किए गए थे, जिनमें से केवल 25 में ही व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो पाया। वर्ष 2019 से 2024 की औद्योगिक नीति के अपेक्षित परिणाम न मिलने के बाद राज्य सरकार ने नई औद्योगिक नीति 2024 से 2030 लागू की है।

तीन बड़े कारण

रोजगार की इस स्थिति के पीछे तीन प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। पहला, सरकारी नौकरी पर अत्यधिक निर्भरता, जिसमें सीमित पदों के बावजूद बड़ी संख्या में युवा केवल सरकारी भर्तियों का इंतजार करते रहते हैं। (Chhattisgarh Unemployment) दूसरा, स्टार्टअप और कारोबारी माहौल का कमजोर होना, जिसमें जोखिम लेने की प्रवृत्ति और मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम दोनों की कमी है। तीसरा, महानगरों की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में आईटी, सॉफ्टवेयर, एआई और डेटा सेंटर जैसे आधुनिक तकनीकी क्लस्टर का अभाव।

किन क्षेत्रों में बन सकते हैं अवसर

विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक डिग्री के साथ स्किल अपडेट करना जरूरी है। आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स एवं कंप्यूटिंग, आईटी और आईटीईएस तथा डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में नौकरी की संभावनाएं सबसे अधिक बताई जा रही हैं।

विभाग ने क्या कहा

कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव बसवराजू एस. के अनुसार स्किल्ड और नॉन स्किल्ड, सभी ट्रेड तथा शैक्षणिक वर्गों में पंजीकृत युवाओं के लिए विशेष एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इंडस्ट्रीज और एमएसएमई सेक्टर के लिए एक नया पोर्टल विकसित किया जा रहा है और आगे जिला तथा राज्य स्तर पर बड़े रोजगार मेलों का आयोजन कर युवाओं को अवसर दिए जाएंगे।

आगे क्या

नई औद्योगिक नीति 2024 से 2030 के तहत निवेश जमीन पर कितना उतरता है, यही तय करेगा कि पंजीकृत युवाओं की यह संख्या घटती है या और बढ़ती है। विभाग के प्रस्तावित एक्शन प्लान और नए पोर्टल की समयसीमा अभी घोषित नहीं हुई है।

एक नजर में, Chhattisgarh Unemployment

  • मुख्य बिंदु: छत्तीसगढ़ के रोजगार कार्यालयों में 7,22,942 युवा पंजीकृत
  • तारीख: 23 जुलाई 2026 को सामने आए आंकड़े
  • स्थान: पूरा छत्तीसगढ़
  • संबंधित संस्था: कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग
  • सर्वाधिक पंजीयन: बिलासपुर 47,718, दुर्ग 47,639, रायपुर 47,633
  • निवेश आंकड़ा: 216 अनुबंधित उद्योगों में से 25 में उत्पादन शुरू
  • अगला कदम: नया पोर्टल और जिला तथा राज्य स्तरीय रोजगार मेले प्रस्तावित

7. निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ में डिग्रीधारक युवाओं की संख्या तो लगातार बढ़ रही है, लेकिन उसी अनुपात में रोजगार के नए अवसर नहीं बन पा रहे। हस्ताक्षरित एमओयू और जमीन पर शुरू हुए उद्योगों के बीच का अंतर इस स्थिति की सबसे स्पष्ट तस्वीर है। नई औद्योगिक नीति और प्रस्तावित एक्शन प्लान का असर आने वाले महीनों में ही आंकड़ों से पता चलेगा।

8. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1: छत्तीसगढ़ में कितने पंजीकृत बेरोजगार हैं?
उत्तर: कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 7 लाख 22 हजार 942 युवा रोजगार कार्यालयों में पंजीकृत हैं।

प्रश्न 2: किस जिले में सबसे ज्यादा युवा पंजीकृत हैं?
उत्तर: बिलासपुर में सबसे ज्यादा 47,718 युवा पंजीकृत हैं। इसके बाद दुर्ग में 47,639 और रायपुर में 47,633 पंजीयन दर्ज हैं।

प्रश्न 3: 1.27 लाख करोड़ के एमओयू का क्या हुआ?
उत्तर: उपलब्ध जानकारी के अनुसार 216 उद्योगों के साथ अनुबंध हुए थे, लेकिन इनमें से केवल 25 उद्योगों में ही व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो सका।

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