NationalPolitics

West Bengal Elections 2026: बंगाल का टाइगर कौन? इन 5 हाई-प्रोफ़ाइल सीटों पर टिका है पूरा राजनीतिक भविष्य

पश्चिम बंगाल का सियासी पारा पूरी तरह से गरमा चुका है। ताज़ा West Bengal Elections 2026 (वेस्ट बंगाल इलेक्शन 2026) अपडेट के अनुसार, राज्य में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होनी है, जो यह तय करेगी कि बंगाल की सत्ता किस पार्टी के हाथों में जाएगी। मुख्य मुक़ाबला सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच है, लेकिन कांग्रेस और लेफ़्ट भी मैदान में अपनी ताक़त दिखा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों और आधिकारिक न्यूज़ रिपोर्ट्स के मुताबिक़, पूरे पश्चिम बंगाल का सियासी भविष्य राज्य की 5 बेहद अहम् और ख़ास सीटों पर टिका हुआ है।

West Bengal Elections 2026: नंदीग्राम और भवानीपुर (Bhowanipore) पर सबकी नज़र

इस चुनाव की सबसे हॉट सीट ‘नंदीग्राम’ है। यहां से बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी विधायक हैं, जिन्होंने 2021 में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को मात दी थी। इस बार उनका सख़्त मुक़ाबला टीएमसी के पबित्र कर से है। दूसरी अहम् सीट ‘भवानीपुर’ है, जिसे लंबे समय से शहरी बंगाली मध्यम वर्ग का गढ़ माना जाता है। ममता बनर्जी ने 2021 में अधिकारी से हारने के बाद इसी सीट से उपचुनाव जीता था और 2026 में भी इस सीट पर टीएमसी और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर होने वाली है।

मुर्शिदाबाद और जादवपुर (Jadavpur) में कड़ा मुक़ाबला

दो-तिहाई मुस्लिम आबादी वाले ‘मुर्शिदाबाद’ में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और मतदाता सूची से नाम हटने जैसे मुद्दे हार-जीत का फ़ैसला करेंगे। यहां टीएमसी की शाओनी सिंह रॉय का मुक़ाबला बीजेपी के गौरी शंकर घोष और कांग्रेस के सिद्दीक़ी अली से है। वहीं, कभी लेफ़्ट का गढ़ रही ‘जादवपुर’ सीट पर भी दिलचस्प लड़ाई है। टीएमसी के देबव्रत मजूमदार के ख़िलाफ़ सीपीएम ने बिकाश रंजन भट्टाचार्य को मैदान में उतारा है, जिससे यह सीट भी काफ़ी चर्चा में आ गई है।

खड़गपुर (Kharagpur) सदर पर दिलीप घोष की वापसी

पांचवीं सबसे अहम सीट खड़गपुर सदर है, जहां बीजेपी के कद्दावर नेता दिलीप घोष की वापसी ने मुक़ाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है। उनका सीधा मुक़ाबला टीएमसी के प्रदीप सरकार से है। इन 5 सीटों के अलावा संदेशखाली, भांगर और कोलकाता पोर्ट जैसी अन्य सीटों पर भी कड़ा मुक़ाबला देखने को मिलेगा।

Related Articles

Back to top button