BSP Privatisation की खबरों पर प्रबंधन का खंडन, अब भाजपा विधायक रिकेश सेन ने बघेल और देवेंद्र यादव से मांगे सबूत

CG News (भिलाई): छत्तीसगढ़ की पहचान माने जाने वाले भिलाई इस्पात संयंत्र को बेचे जाने की चर्चा पर अब विराम लगता दिख रहा है। BSP Privatisation को लेकर चल रही खबरों को बीएसपी प्रबंधन ने बयान जारी कर पूरी तरह अफवाह बताया है। प्रबंधन के इस बयान के बाद भिलाई की सियासत फिर गरमा गई है। भाजपा अब कांग्रेस पर हमलावर है, वहीं कांग्रेस केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठा रही है।
लंबे वक्त से कांग्रेस के बड़े नेता अलग अलग मंचों से यह मुद्दा उठाते रहे हैं कि केंद्र सरकार भिलाई स्टील प्लांट को निजी हाथों में सौंपना चाहती है। इस सिलसिले में कुछ उद्योगपतियों के नाम भी लिए गए थे।
प्रबंधन ने कहा, निजीकरण की बात झूठी और भ्रामक
बीएसपी प्रबंधन ने साफ किया है कि संयंत्र का निजीकरण नहीं किया जा रहा है। प्रबंधन के मुताबिक इस्पात मंत्रालय ने भी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर इन दावों का खंडन किया है। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो यानी पीआईबी की फैक्ट चेक टीम ने भी इन खबरों को गलत बताया है।
अडानी टोटल गैस के समझौते से जुड़ा था मामला
बताया जा रहा है कि बीएसपी और अडानी टोटल गैस लिमिटेड के बीच 16 जुलाई 2026 को पाइपलाइन से प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिए एक समझौता ज्ञापन यानी एमओयू हुआ था। इसका मकसद संयंत्र और भिलाई टाउनशिप में गैस पहुंचाना है। इसी समझौते के सिलसिले में अधिकारियों के दौरे की चर्चा को निजीकरण से जोड़कर देखा जाने लगा था।
BSP Privatisation पर बघेल का 14 अक्टूबर का पोस्ट
दरअसल 14 अक्टूबर को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दावा किया था कि एक बड़े उद्योगपति के प्रतिनिधि भिलाई स्टील प्लांट का दौरा करने आ रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई थी कि केंद्र सरकार की नजर अब बीएसपी पर है। बघेल ने कहा था कि भिलाई इस्पात संयंत्र छत्तीसगढ़ की पहचान और आत्मा है, इसे किसी भी कीमत पर बिकने नहीं दिया जाएगा।
देवेंद्र यादव ने आखिरी दम तक लड़ने की बात कही थी
भिलाई नगर से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने भी इस मुद्दे पर विरोध दर्ज कराया था। उन्होंने कहा था कि बड़े औद्योगिक घरानों को भिलाई इस्पात संयंत्र खरीदने नहीं दिया जाएगा। उनके मुताबिक बीएसपी सिर्फ एक कारखाना नहीं, बल्कि भिलाई की पहचान और लाखों लोगों की भावनाओं से जुड़ा संस्थान है।
रिकेश सेन की चुनौती, सबूत सामने रखें
प्रबंधन के खंडन के बाद वैशाली नगर से भाजपा विधायक रिकेश सेन ने कांग्रेस नेताओं को घेरा है। उन्होंने भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव को चुनौती दी है कि जिन दस्तावेजों के आधार पर निजीकरण की बात कही गई, उन्हें सार्वजनिक करें।
रिकेश सेन ने यह भी कहा कि अगर बीएसपी को बेचने की कोशिश हुई तो वे खुद विरोध में धरने पर बैठेंगे। साथ ही उन्होंने दोनों कांग्रेस नेताओं के घर के बाहर धरना देने की बात भी कही।
बघेल का पलटवार, पीएम कार्यालय पर दें धरना
रिकेश सेन के तंज पर भूपेश बघेल ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक को नेताओं के घर के सामने नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री कार्यालय के सामने प्रदर्शन करना चाहिए। बघेल ने नगरनार और भिलाई स्टील प्लांट को लेकर केंद्र की नीति पर सवाल उठाए और लोगों से सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों को बचाने के लिए तैयार रहने की अपील की।
भिलाई के लिए क्यों अहम है बीएसपी
भिलाई स्टील प्लांट सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड यानी सेल की इकाई है। देश की रेल पटरियों का बड़ा हिस्सा यहीं बनता है। भिलाई शहर की अर्थव्यवस्था, रोजगार, अस्पताल और स्कूल तक इसी संयंत्र से जुड़े हैं। यही वजह है कि BSP Privatisation की हर चर्चा यहां के लोगों को सीधे बेचैन कर देती है।
भिलाई और दुर्ग की दूसरी खबरें जनदखल भिलाई न्यूज में पढ़ें। बीएसपी से जुड़ी पिछली रिपोर्ट के लिए भिलाई स्टील प्लांट की खबरें देखें। कंपनी की आधिकारिक जानकारी सेल की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
फिलहाल प्रबंधन, इस्पात मंत्रालय और पीआईबी के खंडन के बाद आधिकारिक स्थिति साफ है, लेकिन सियासी बयानबाजी थमती नहीं दिख रही।






