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Elephant Terror in Korea: गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व में हाथियों का आतंक, 15 दिन में दो की मौत

कोरिया। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के कोरिया (Korea) वन मंडल के अंतर्गत आने वाले नवगठित ‘गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व’ (Guru Ghasidas Tamor Pingla Tiger Reserve) क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। वन विभाग की लगातार मुनादी और सतर्कता अभियान के बावजूद, हाथी प्रभावित क्षेत्र में जाने के कारण एक बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।

लापता बुजुर्ग की जंगल में मिली क्षत-विक्षत लाश

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सूकतरा (Suktara) गांव निवासी एक बुजुर्ग मवेशी चराने के लिए जंगल की ओर गए थे और पिछले एक दिन से लापता थे।

  • हमले का शिकार: परिजनों और ग्रामीणों की काफी तलाश के बाद, जंगल के भीतर उनकी क्षत-विक्षत लाश बरामद हुई।
  • आमना-सामना: प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि जंगल में उनका सामना हाथी दल से हो गया था, जिन्होंने उन्हें बेरहमी से कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।

वन विभाग की कार्रवाई और सहायता राशि

घटना की सूचना मिलते ही वन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंच गई।

  • तत्काल राहत: शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वन विभाग द्वारा मृतक के शोकाकुल परिजनों को तत्काल सहायता राशि उपलब्ध करा दी गई है।
  • पार्क डायरेक्टर का बयान: पार्क डायरेक्टर सौरभ सिंह ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र में हाथियों के लगातार विचरण की सूचना ग्रामीणों को दी जा रही है। वन अमला 24 घंटे गश्त कर रहा है। मुनादी और चेतावनी बोर्ड लगाए जाने के बावजूद लोगों का लापरवाही बरतना जानलेवा साबित हो रहा है।

15 दिन में दूसरी मौत, दहशत में ग्रामीण

गौरतलब है कि इसी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बीते एक पखवाड़े (15 दिन) के भीतर हाथियों के हमले से यह दूसरी मौत है।

  • पिछले सप्ताह ही हाथी दल ने एक वृद्ध महिला को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया था।
  • लगातार बढ़ रही इन हिंसक घटनाओं के कारण ग्रामीण दहशत में हैं और शाम ढलते ही लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं।

वन विभाग ने एक बार फिर ग्रामीणों से सख्त अपील की है कि वे हाथी विचरण क्षेत्र में अकेले बिल्कुल न जाएं। रात के समय जंगल और आसपास के इलाकों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। हाथियों की किसी भी गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग को दें, क्योंकि थोड़ी सी सावधानी ही बड़े हादसों को रोक सकती है।

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