Strait of Hormuz: अमेरिका-ईरान शांति समझौते का ड्राफ्ट तैयार, होर्मुज में नहीं लगेगा ‘टोल टैक्स’, ट्रंप की अंतिम मुहर का इंतजार

US Iran Peace Deal:वाशिंगटन/तेहरान। मिडिल ईस्ट में जारी भारी तनाव के बीच एक बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आई है। अमेरिका और ईरान एक ऐतिहासिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने के बेहद करीब पहुंच गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वाशिंगटन और तेहरान के प्रतिनिधिमंडलों ने साठ दिनों के संघर्ष विराम (सीजफायर) विस्तार समझौते के ड्राफ्ट को लगभग अंतिम रूप दे दिया है। अब इस समझौते पर केवल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम मुहर लगनी बाकी है। इस ड्राफ्ट में सबसे अहम हिस्सा दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने से जुड़ा है।
होर्मुज में नहीं लगेगा कोई ‘टोल टैक्स’
समझौते के मसौदे के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से निर्बाध और सुरक्षित व्यापारिक जहाजों की आवाजाही पर पूरी तरह से सहमति बन गई है। सबसे बड़ी शर्त यह रखी गई है कि इस रास्ते से गुजरने वाले किसी भी देश के जहाज से ईरान कोई ‘टोल टैक्स’ (Toll Tax) या पारगमन शुल्क नहीं वसूलेगा। गौरतलब है कि हाल ही में ईरान ने ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ बनाकर जहाजों से बीस लाख डॉलर तक का टोल वसूलने की कोशिश की थी, जिस पर अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने कड़े प्रतिबंध भी लगाए थे। लेकिन अब नए समझौते के तहत इस रास्ते को पूरी तरह से टैक्स फ्री और सुरक्षित रखा जाएगा।
तीस दिनों के भीतर हटेंगी माइंस और नौसैनिक ब्लॉकेड
इस समझौते के लागू होने के तीस दिनों के भीतर ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सभी समुद्री माइंस को हटाना होगा। इसके बदले में, वाशिंगटन ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए अपने नौसैनिक ब्लॉकेड को पूरी तरह से हटा लेगा, जिससे जहाजों की निर्बाध आवाजाही बहाल हो सकेगी। हालांकि, अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि ईरान ने जहाजों का रास्ता रोकने की कोई भी कोशिश की, तो अमेरिकी नौसेना तुरंत ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी कर लेगी।
साठ दिनों के शांति काल में होगी न्यूक्लियर डील पर चर्चा
दोनों देशों के बीच इस साठ दिनों के शांति काल के दौरान कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। इनमें ईरान को प्रतिबंधों से कुछ राहत देने, फंसी हुई विदेशी संपत्तियों (फ्रोजन फंड्स) को जारी करने और ईरान तक मानवीय सहायता पहुंचाने के तंत्र पर बातचीत शामिल है। इसके अलावा, सबसे बड़े विवाद का कारण रहे ईरान के परमाणु कार्यक्रम (Nuclear Program) और संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) के मुद्दे पर भी स्थायी समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि वे ईरान को संवर्धित यूरेनियम छोड़ने के बदले में आसानी से प्रतिबंधों में राहत नहीं देंगे और पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही समझौते को अंतिम मंजूरी देंगे।



