यूक्रेन युद्ध पर पुतिन का 1 बड़ा बयान: ‘पश्चिमी ताकतों ने भड़काया संघर्ष, अब अंत करीब’

Ukraine War End:रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने विजय दिवस परेड के बाद 1 अहम बयान देते हुए दावा किया है कि यूक्रेन के साथ जारी संघर्ष अब अपने अंत की ओर बढ़ रहा है। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में हुए अस्थायी युद्धविराम ने भविष्य की शांति वार्ता के लिए 1 नई उम्मीद जगाई है। इसी बीच, पुतिन ने इस विनाशकारी युद्ध को भड़काने के लिए पश्चिमी देशों के ‘ग्लोबलिस्ट विंग’ (वैश्विक अभिजात वर्ग) को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है।
पश्चिमी देशों पर पुतिन के गंभीर आरोप
पुतिन के अनुसार, पश्चिमी देशों ने अपने भू-राजनीतिक स्वार्थों को पूरा करने के लिए यूक्रेन को 1 हथियार के रूप में इस्तेमाल किया।
- रूस के हितों की अनदेखी: पुतिन ने कहा कि पश्चिमी ताकतों ने रूस के सुरक्षा हितों को पूरी तरह नजरअंदाज किया और यूक्रेन के हाथों रूसी सेना पर हमला करवाया गया।
- सैन्य सहायता से खिंचा युद्ध: रूसी राष्ट्रपति का स्पष्ट मानना है कि अगर अमेरिका और यूरोप से यूक्रेन को लगातार सैन्य और आर्थिक सहायता नहीं मिलती, तो यह युद्ध इतना लंबा नहीं खिंचता।
“पश्चिमी देशों ने अपने स्वार्थ के लिए यूक्रेन को 1 मोहरे की तरह इस्तेमाल किया है। बाहरी दखल और हथियारों की सप्लाई ने ही इस संघर्ष को खत्म होने से रोके रखा।” – व्लादिमीर पुतिन, रूसी राष्ट्रपति
2022 के इस्तांबुल समझौते का किया जिक्र
राष्ट्रपति पुतिन ने शांति वार्ता विफल होने के लिए फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देशों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने साल 2022 में हुए इस्तांबुल समझौते की याद दिलाते हुए कई बड़े खुलासे किए:
- समझौते के लिए तैयार था यूक्रेन: पुतिन ने दावा किया कि 2022 में यूक्रेन समझौते के लिए पूरी तरह तैयार था और उसने शुरुआती दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी कर दिए थे।
- मैक्रों और ब्रिटिश PM का दबाव: पुतिन के मुताबिक, बाद में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री के दबाव में आकर यूक्रेन ने अपने कदम पीछे खींच लिए। इन पश्चिमी नेताओं ने यूक्रेन को यह कहकर रोका कि यह 1 “अनुचित समझौता” है।
- पुतिन का सीधा सवाल: रूसी राष्ट्रपति ने सवाल उठाया कि जब यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल खुद इस समझौते के लिए तैयार था, तो बाहरी ताकतें इसे अनुचित कैसे कह सकती हैं।
ट्रंप की मध्यस्थता के बाद अब कूटनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि क्या जल्द ही रूस और यूक्रेन के बीच कोई स्थायी शांति समझौता हो पाएगा।



