Media City Raipur News: वित्तीय गड़बड़ी में फंसी ‘पत्रकार कॉलोनी’ की समिति, सरकार ने संचालक मंडल किया भंग; आकांक्षा यादव बनीं प्रशासक

राजधानी रायपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है। (Media City Raipur News) भारी वित्तीय अनियमितताओं और नियमों के गंभीर उल्लंघन के चलते ‘राजधानी पत्रकार गृह निर्माण सहकारी समिति, रायपुर’ पर सरकार ने कड़ा एक्शन लिया है।
सहकारिता विभाग ने समिति के अध्यक्ष प्रेम पाठक और उनकी पूरी संचालक मंडल टीम को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। सरकार ने 14 अगस्त 2026 को आधिकारिक आदेश जारी करते हुए समिति का संचालन अब प्रशासक के हाथों में सौंप दिया है। वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक आकांक्षा यादव को समिति का नया प्रशासक नियुक्त किया गया है।



खबर की मुख्य बातें (Media City Raipur News)

वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक आकांक्षा यादव
- संचालक मंडल भंग: सहकारिता विभाग ने ‘राजधानी पत्रकार गृह निर्माण सहकारी समिति’ पर की बड़ी कार्रवाई।
- गंभीर आरोप: समिति के फंड का दुरुपयोग, अध्यक्ष के रिश्तेदारों और निजी अस्पताल को भुगतान की पुष्टि।
- प्रशासक की नियुक्ति: वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक आकांक्षा यादव को सौंपा गया समिति का प्रभार।
- अगला कदम: प्रशासक को 6 माह के भीतर नए संचालक मंडल के चुनाव कराने के निर्देश दिए गए हैं।
CIMT अस्पताल और रिश्तेदारों के खातों में गए समिति के पैसे
सहकारिता विभाग की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। (Media City Raipur News) जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि समिति के बैंक खातों से कई संदिग्ध लेन-देन किए गए। रिकॉर्ड के अनुसार, समिति की राशि का भुगतान सीधे CIMT हॉस्पिटल के खाते में किया गया। यह संस्थान दनसिंह देवांगन से जुड़ा हुआ बताया गया है, जो खुद राजधानी पत्रकार गृह निर्माण सहकारी समिति की बैंक साइनिंग अथॉरिटी (Bank Signing Authority) में शामिल थे। इससे वित्तीय पारदर्शिता और ‘हितों के टकराव’ पर गंभीर सवाल खड़े हुए। इसके अलावा, जांच में यह भी सामने आया कि समिति के खाते से अध्यक्ष के रिश्तेदारों को भी पैसे ट्रांसफर किए गए।
सदस्य सुनील नामदेव की शिकायत पर खुली पोल, Media City Raipur News
यह पूरी कार्रवाई समिति के सदस्य सुनील नामदेव की शिकायत के बाद शुरू हुई थी। शिकायत के आधार पर हुई जांच रिपोर्ट में यह पाया गया कि:
- समिति की राशि का भुगतान निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना किया गया, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
- वार्षिक आमसभा (AGM) नियमों के अनुसार आयोजित नहीं की गई।
- पंजीकृत पते में बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के बदलाव कर दिया गया और जरूरी अभिलेखों (Records) का सही से संधारण नहीं किया गया।
पूर्व उपाध्यक्ष ने अध्यक्ष पर फोड़ा ठीकरा
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने संचालक मंडल के सभी सदस्यों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। इस पर पूर्व उपाध्यक्ष सुनीता तिवारी ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि भ्रष्टाचार का यह पूरा षड्यंत्र अध्यक्ष प्रेम पाठक द्वारा रचा गया है। उन्होंने खुद भी संचालक मंडल को तत्काल प्रभाव से भंग करने की मांग की थी, जिसे विभाग ने रिकॉर्ड में शामिल कर लिया।
अध्यक्ष प्रेम पाठक ने नहीं दिया स्पष्टीकरण, Media City Raipur News
वहीं, जब समिति के अध्यक्ष प्रेम पाठक को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया, तो उन्होंने निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब देने के बजाय अतिरिक्त समय की मांग की। सरकार ने उन्हें और समय देने से साफ इनकार कर दिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की।
सहकारिता विभाग ने स्पष्ट किया कि संचालक मंडल ने अपने वैधानिक दायित्वों को निभाने में गंभीर लापरवाही बरती है। (Media City Raipur News) इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम की धारा 49(8) के तहत कार्रवाई करते हुए टीम को भंग किया गया है। नव-नियुक्त प्रशासक आकांक्षा यादव को अब छह माह के भीतर समिति के नए चुनाव की प्रक्रिया शुरू करनी होगी।






