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Mahtari Vandan Yojana EKYC: 27 हज़ार अपात्र और 1 लाख मृत महतारियां सूची से बाहर

छत्तीसगढ़ सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना को लेकर एक बेहद बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दरअसल योजना में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए चलाए जा रहे Mahtari Vandan Yojana EKYC अभियान में लाखों अपात्र लोगों की पहचान हुई है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने सख्ती दिखाते हुए अब तक 27000 अपात्र महिलाओं की राशि होल्ड कर दी है। इसके अलावा करीब 100000 मृत हितग्राहियों के नाम भी योजना की सूची से हमेशा के लिए हटा दिए गए हैं।

Mahtari Vandan Yojana EKYC में फर्जीवाड़े का पर्दाफाश

विभागीय जानकारी के मुताबिक कई मामलों में योजना का लाभ उन महिलाओं द्वारा लिया जा रहा था जिन्हें सरकारी नौकरी मिल चुकी है। इसके अलावा कई लोगों ने 2-2 आवेदन जमा कर रखे थे और शासकीय सेवा के 1 2 और 3 श्रेणी के कर्मचारी भी इसका गलत फायदा उठा रहे थे। दरअसल कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिनमें महिलाएं छत्तीसगढ़ की निवासी नहीं होने के बावजूद हर महीने 1000 रुपये प्राप्त कर रही थीं।

परिणामस्वरूप विभाग ने इन सभी अपात्रों की किस्त रोक दी है। जिन लोगों ने गलत तरीके से सरकारी पैसे का लाभ लिया है उनसे अब राशि की सख्त वसूली भी की जा रही है।

ई-केवाईसी अभियान की वर्तमान स्थिति और आंकड़े

प्रदेश भर में कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से सत्यापन का कार्य बहुत तेजी से चल रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 6530000 कुल हितग्राहियों में से लगभग 5599000 महिलाओं का सत्यापन पूरा हो चुका है। हालांकि बस्तर संभाग के जिलों में इंटरनेट कनेक्टिविटी और जागरूकता की कमी के कारण ई-केवाईसी का प्रतिशत अभी भी काफी चिंताजनक बना हुआ है।

  • योजना का पहला चरण नवंबर में 418000 हितग्राहियों के साथ शुरू हुआ था।
  • दूसरे चरण की प्रक्रिया अप्रैल से 30 जून तक चलेगी।
  • इसके बाद 31 अगस्त तक बाल विकास परियोजना कार्यालयों में सत्यापन होगा।
  • पूरे प्रदेश में अब तक 86 प्रतिशत हितग्राहियों ने अपना सत्यापन पूरा कर लिया है।
  • रायपुर जिले में सबसे अधिक 427000 से ज्यादा महिलाएं योजना में शामिल हैं।
  • बालोद जिले ने ई-केवाईसी में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 93.22 प्रतिशत का आंकड़ा छुआ है।

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