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Karnataka CM Siddaramaiah Resign: कर्नाटक में बड़ा सियासी फेरबदल, सिद्धारमैया की कुर्सी जाना तय!

Karnataka CM Siddaramaiah Resign:नई दिल्ली/बेंगलुरु। कर्नाटक (Karnataka) की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आने की संभावना है। कांग्रेस हाईकमान (Congress High Command) ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन का मन बना लिया है। सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (Siddaramaiah) से इस्तीफा मांगा गया है और उनकी जगह मौजूदा उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) को राज्य का नया मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। इस बड़े बदलाव को लेकर दिल्ली में मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर राहुल गांधी (Rahul Gandhi), प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल के साथ अहम बैठकें हुई हैं।

ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले पर फंसा पेंच

मई 2023 में कर्नाटक में प्रचंड जीत के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच भारी खींचतान हुई थी। तब हाईकमान ने दोनों नेताओं के बीच ‘ढाई-ढाई साल’ (2.5 Years Power Sharing) का फॉर्मूला तय किया था।

नवंबर 2025 में सिद्धारमैया सरकार के कार्यकाल का आधा समय पूरा हो चुका है। इसके बाद से ही डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद के लिए लगातार अपना दावा मजबूत कर रहे थे और आलाकमान पर समझौते का पालन करने का दबाव बना रहे थे।

सिद्धारमैया की बगावत की चेतावनी और ‘बीच का रास्ता’

शुरुआत में सिद्धारमैया ने पद छोड़ने से साफ इनकार कर दिया था। सूत्रों की मानें तो उन्होंने आलाकमान से कहा था, “अगर मुझे हटाया गया तो पार्टी टूटेगी, क्योंकि 50-60 विधायक मेरे साथ हैं। मैं डीके शिवकुमार के नीचे काम नहीं करूंगा।”

इस बगावती तेवर को शांत करने के लिए कांग्रेस ‘बिहार फॉर्मूले’ की तर्ज पर एक बीच का रास्ता निकाल रही है:

नेता (Leader)वर्तमान भूमिका (Current Role)भविष्य का संभावित प्रस्ताव (Proposed Offer)
सिद्धारमैयामुख्यमंत्री, कर्नाटकराज्यसभा भेजकर राष्ट्रीय राजनीति में अहम भूमिका
डीके शिवकुमारउपमुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्षकर्नाटक के नए मुख्यमंत्री की कमान
सिद्धारमैया के बेटेसक्रिय राजनेताराज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री का पद

सिद्धारमैया ने इस नए प्रस्ताव पर विचार करने के लिए समय मांगा है। हालांकि, माना जा रहा है कि वे इसी सप्ताह अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं।

2028 के चुनाव पर कांग्रेस की नजर

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह नेतृत्व परिवर्तन आगामी 2028 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। 2028 तक सिद्धारमैया 80 वर्ष के हो जाएंगे। ऐसे में सत्ता विरोधी लहर (Anti-Incumbency) को थामने और पार्टी को नया चेहरा देने के लिए शिवकुमार को कमान सौंपना जरूरी माना जा रहा है। प्रियंका गांधी वाड्रा भी स्पष्ट रूप से इस नेतृत्व परिवर्तन के पक्ष में बताई जा रही हैं।

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