Gold-Silver Price: PM मोदी की अपील का दिखा असर, औंधे मुंह गिरे सोने-चांदी के दाम; जानिए आज का ताजा भाव

Gold-Silver Price: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा देशवासियों से गैर-जरूरी सोना न खरीदने की अपील का असर सर्राफा बाजार पर साफ देखने को मिल रहा है। आज यानी 1 सितंबर को सोने और चांदी की कीमतों (Gold-Silver Price) में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और भू-राजनीतिक तनाव ने भी कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोने और चांदी के दामों में भारी कमी आई है।
खबर की मुख्य बातें (Gold-Silver Price)
- सोने में गिरावट: 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 1,037 रुपए गिरकर ₹1.55 लाख पर आ गया है।
- चांदी भी लुढ़की: एक किलो चांदी की कीमत 1,711 रुपए टूटकर ₹2.35 लाख पर पहुंच गई है।
- PM मोदी की अपील: प्रधानमंत्री ने लोगों से जरूरत न होने पर सोना न खरीदने की अपील की है।
- ऑल टाइम हाई से सस्ता: अपने रिकॉर्ड हाई से सोना ₹21 हजार और चांदी ₹1.53 लाख सस्ती बिक रही है।
क्यों गिरे सोने-चांदी के दाम?
मार्केट एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के अनुसार, सोने-चांदी की कीमतों में इस गिरावट के मुख्य रूप से दो बड़े कारण हैं:
- PM मोदी की अपील: प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में लोगों से गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने की अपील की है। इससे पहले 11 मई को भी पीएम ने ऐसी ही अपील की थी। इसका सीधा असर घरेलू मांग पर पड़ा है।
- भू-राजनीतिक तनाव और कच्चा तेल: अमेरिका द्वारा होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में ईरान के एक द्वीप पर हमला और जवाब में ईरान द्वारा जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर किए गए हमले से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे बुलियन मार्केट पर दबाव बना है।
ऑल टाइम हाई से कितनी आई गिरावट?
इस साल सोने और चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है। 29 जनवरी को दोनों धातुओं ने अपना ऑल टाइम हाई (All-Time High) छुआ था।
| धातु | 31 दिसंबर 2025 का भाव | ऑल टाइम हाई (29 जनवरी) | आज का ताजा भाव | रिकॉर्ड हाई से गिरावट |
| सोना (10 ग्राम) | 1.33 लाख रुपए | 1.76 लाख रुपए | 1.55 लाख रुपए | 21,000 रुपए सस्ता |
| चांदी (1 किलो) | 2.30 लाख रुपए | 3.86 लाख रुपए | 2.35 लाख रुपए | 1.53 लाख रुपए सस्ती |
अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग क्यों होते हैं?
अक्सर लोग यह जानना चाहते हैं कि दिल्ली, मुंबई या उनके शहर में सोने का भाव अलग क्यों होता है। इसके 4 प्रमुख कारण हैं:
- ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: सोना एक शहर से दूसरे शहर ले जाने में ईंधन और सुरक्षा का खर्च लगता है।
- खरीदारी की मात्रा: दक्षिण भारत में सोने की खपत सबसे ज्यादा (करीब 40%) है। वहां बड़ी खरीद के बावजूद छूट का फायदा सीमित रहता है।
- लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: राज्य और शहर के एसोसिएशन स्थानीय मांग और सप्लाई के आधार पर भी रेट तय करते हैं।
- पुराना स्टॉक: ज्वेलर्स का अपना खरीदी रेट तय करता है कि वे ग्राहकों को कितनी कीमत में सोना बेचेंगे।
ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 3 बातों का रखें ध्यान
सोने की खरीदारी करते समय धोखाधड़ी से बचने के लिए इन अहम बातों का ध्यान रखें:
- सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सोना खरीदें। इस पर एक अल्फान्यूमेरिक कोड (जैसे- AZ4524) होता है।
- कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और उस दिन की कीमत को IBJA की वेबसाइट या अन्य भरोसेमंद सोर्सेज से जरूर मिला लें। ध्यान रहे, 24, 22 और 18 कैरेट के रेट अलग-अलग होते हैं।
- मेकिंग चार्ज (Making Charges) का खेल समझें: ज्वेलर्स गहना बनाने के लिए मेकिंग चार्ज लेते हैं, जो फिक्स नहीं होता। आप इस पर मोलभाव (Bargaining) कर सकते हैं। आप सीधे उनसे लेबर कॉस्ट का ब्रेकअप मांगें, जिससे आपको बेहतर डील मिल सके।






