Gautam Gambhir:ऐतिहासिक जीत के बाद भी खुश नहीं हेड कोच गौतम गंभीर! गुवाहाटी की पिच पर उठाए सवाल, बोले- ‘यह क्रिकेट नहीं, सिर्फ बैटिंग है’

Gautam Gambhir:भारत और वेस्टइंडीज (IND vs WI) के बीच गुवाहाटी में खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में रनों की जमकर बारिश हुई। भारतीय टीम ने अपने 52 साल के वनडे इतिहास में पहली बार 400 रन से ऊपर का टारगेट चेज कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वेस्टइंडीज द्वारा दिए गए 405 रनों के विशाल लक्ष्य को टीम इंडिया ने 39 गेंद शेष रहते ही आसानी से हासिल कर लिया और सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली।
मैच में कुल 811 रन बने, लेकिन इस ऐतिहासिक जीत के बावजूद भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) गुवाहाटी की पिच से सख्त नाराज नजर आए।
“बल्ले और गेंद के बीच बराबरी का मुकाबला नहीं”(Gautam Gambhir)
स्टार स्पोर्ट्स के पोस्ट-मैच शो में बातचीत करते हुए गौतम गंभीर ने सपाट पिच को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “यह क्रिकेट नहीं है, यह सिर्फ बैटिंग है।”
गंभीर ने कहा कि क्रिकेट के खेल में हमेशा बल्ले और गेंद के बीच बराबरी का मुकाबला होना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि जब कोई टीम 400 रन से अधिक का स्कोर बनाती है और दूसरी टीम उसे इतनी आसानी से चेज कर लेती है, तो इसका सीधा मतलब है कि पिच में गेंदबाजों के लिए कुछ भी नहीं था।
रिकॉर्ड के लिए अच्छा, लेकिन गेंदबाजों के साथ अन्याय
फ्लैट पिचों की आलोचना करते हुए हेड कोच ने कहा कि इस तरह के मैच रिकॉर्ड, दर्शकों और ब्रॉडकास्टर्स के लिहाज से बहुत शानदार हो सकते हैं, लेकिन एक क्रिकेट फैन और कोच के तौर पर हमें गेंदबाजों के प्रति भी सहानुभूति रखनी चाहिए।
गंभीर ने कहा, “ऐसी फ्लैट पिच पर गेंदबाजी करना बॉलर्स के साथ पूरी तरह से अन्याय है। विकेट पर गेंदबाजों के लिए भी कुछ ऐसा होना चाहिए, जिससे वे अपनी असली क्षमता दिखा सकें। हमें गेंदबाजों को भी पिच से कुछ मदद देनी होगी, जिससे वे अपना काम कर सकें।”
डेब्यूटेंट आकिब नबी का किया बचाव
गंभीर ने युवा गेंदबाजों का बचाव करते हुए कहा कि आज के दौर में बॉलर्स को सिर्फ उनके आंकड़ों (Figures) से नहीं आंका जाना चाहिए। आधुनिक वनडे क्रिकेट में गेंदबाजों के पास वैसे भी विकल्प कम हैं, क्योंकि दो नई गेंदें इस्तेमाल होती हैं और 30 गज के घेरे के अंदर 5 फील्डर्स रहते हैं। इसके अलावा बल्लेबाजों की पावर-हिटिंग भी काफी बढ़ गई है।
अपने डेब्यू मैच में 8.5 ओवर में 84 रन लुटाने वाले युवा तेज गेंदबाज आकिब नबी (Aqib Nabi) का बचाव करते हुए गंभीर ने कहा, “युवा गेंदबाजों को सपोर्ट करने और उन्हें गलतियां करने की गुंजाइश देनी चाहिए। अगर हम सिर्फ बॉलिंग फिगर देखकर उन पर सख्ती करेंगे, तो भविष्य के लिए नए गेंदबाज कभी तैयार नहीं हो पाएंगे।”






