Dharmendra Pradhan on NEET: ‘जिन्हें सुरक्षित परीक्षा की जिम्मेदारी दी, उन्होंने ही किया धोखा’, शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान

नई दिल्ली: देशभर में बीते कई दिनों से विवादों में चल रहे प्रतिष्ठित NEET-UG परीक्षा मामले में अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का एक बेहद सख्त और बड़ा बयान सामने आया है। Dharmendra Pradhan on NEET (नीट पर धर्मेंद्र प्रधान) के इस ताजा बयान ने सियासत को और भी गरमा दिया है। रविवार को दोबारा हुई नीट परीक्षा के बिना किसी गड़बड़ी के पूरे होने के बाद, शिक्षा मंत्री ने पहली बार इस गंभीर मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी।
‘शिक्षकों ने ही किया परीक्षा के साथ विश्वासघात’
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा की विश्वसनीयता पर चोट पहुंचाने वालों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है।
- उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जिन शिक्षकों पर परीक्षा को सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से कराने की अहम जिम्मेदारी थी, उन्होंने ही सिस्टम के साथ धोखा किया है।
- प्रधान के मुताबिक, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने शिक्षकों को बहुत संवेदनशील जिम्मेदारियां सौंपी थीं, लेकिन कुछ लोग इस भरोसे को बनाए रखने में पूरी तरह नाकाम रहे।
- उन्होंने 3 मई को हुई पहली परीक्षा में कुछ लोगों द्वारा किए गए इस विश्वासघात पर गहरा दुख जताया, जिसके कारण अंततः परीक्षा की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा और उसे रद्द करना पड़ा।
राहुल गांधी पर ‘सस्ती राजनीति’ का सीधा आरोप
शिक्षा मंत्री ने न केवल परीक्षा प्रणाली पर बात की, बल्कि विपक्ष की तरफ से लगाए जा रहे तमाम आरोपों का भी करारा जवाब दिया। उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधते हुए कई गंभीर आरोप लगाए:
- छात्रों को डराने का प्रयास: प्रधान ने कहा कि जब देश के 22 लाख से ज्यादा छात्र दोबारा होने वाली परीक्षा की तैयारी में जुटे थे, तब राहुल गांधी सिर्फ ‘सस्ती राजनीति’ कर रहे थे।
- अराजकता फैलाने की कोशिश: उन्होंने कहा कि सिस्टम को सुधारने के लिए कोई सकारात्मक सुझाव देने के बजाय, कांग्रेस सांसद ने छात्रों को डराने और परीक्षा की तैयारियों को भटकाने की कोशिश की, ताकि देश में अराजकता पैदा हो सके।
विपक्ष और प्रदर्शनकारियों पर बरसे शिक्षा मंत्री
पेपर लीक विवाद (Paper Leak Controversy) और परीक्षा प्रणाली में कथित खामियों को लेकर विपक्षी दल लगातार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए शिक्षा मंत्री ने विरोध प्रदर्शन कर रहे कुछ संगठनों पर भी तीखा प्रहार किया।
उन्होंने अपने बयान में कहा:
- जिन्हें देश की जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से नकार दिया है, वे अब नए-नए बैनरों के तहत आकर देश की प्रमुख संस्थाओं को निशाना बना रहे हैं।
- ऐसे लोग देश को बांटने वाली ताकतों के पक्ष में नारे लगा रहे हैं, जो निंदनीय है।
उन्होंने यह भी साफ किया कि रविवार को देश भर में दोबारा हुई नीट परीक्षा पूरी तरह से सफल और सुरक्षित रही है। इसके बावजूद, जंतर-मंतर पर कुछ गुटों द्वारा केवल व्यवस्था को बिगाड़ने और अपना राजनीतिक एजेंडा चमकाने के लिए राजनीति की जा रही है।






