Chhattisgarh Unique Wedding: सरगुजा में एक अनोखी शादी, बारात लेकर पहुंची दुल्हन, विदाई में फूट-फूटकर रोया दूल्हा

भारतीय समाज में शादियों को लेकर एक आम धारणा है कि दूल्हा गाजे-बाजे के साथ बारात लेकर आता है और शादी के बाद दुल्हन को विदा कराकर अपने घर ले जाता है। विदाई के समय दुल्हन का रोना भी एक आम दृश्य होता है। लेकिन छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक ऐसी अनोखी शादी की खबर सामने आई है, जिसने इन सदियों पुरानी परंपराओं को पूरी तरह से उलट कर रख दिया है। यहां एक दुल्हन खुद अपनी बारात लेकर दूल्हे के दरवाजे पर पहुंची और शादी के बाद दूल्हे को विदा कराकर अपने साथ ले गई। इस दौरान दूल्हा फूट-फूटकर रोता हुआ नजर आया।
कन्यादान नहीं, मसीही रीति-रिवाज से हुआ ‘वरदान’
यह पूरी तरह से अनोखी और दिलचस्प शादी छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य सरगुजा जिले के सुलपगा गांव में संपन्न हुई है।
- दुल्हन देवमुनि एक्का पूरी शान-ओ-शौकत के साथ बारात लेकर दूल्हे बिलासुस बरवा के घर पहुंची।
- इसके बाद दोनों परिवारों की मौजूदगी में मसीही (ईसाई) परंपरा और रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह की सभी रस्में पूरी की गईं।
- दिलचस्प बात यह रही कि इस शादी में लड़की वालों ने ‘कन्यादान’ नहीं किया, बल्कि लड़के वालों ने अपने बेटे का हाथ दुल्हन के हाथ में सौंपकर ‘वरदान’ किया।
विदाई के समय फूट-फूटकर रोया दूल्हा
शादी की रस्में पूरी होने के बाद जब विदाई का समय आया, तो वहां का नजारा बेहद भावुक और हैरान कर देने वाला था।
- आम शादियों में जहां दुल्हनें अपने मायके वालों से गले लगकर रोती हैं, वहीं इस शादी में दूल्हा बिलासुस बरवा अपने परिजनों से गले मिलकर फूट-फूटकर रोने लगा।
- दूल्हे के रोने का यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए भी भावुक कर देने वाला था।
- रस्म पूरी होने के बाद दुल्हन देवमुनि एक्का अपने दूल्हे को लेकर पैगा गांव की ओर विदा हो गई। अब दूल्हा जीवन भर अपनी पत्नी के घर पर ही रहेगा।
आखिर क्यों हुई ऐसी अनोखी शादी?
इस अनोखी शादी के पीछे एक बहुत ही व्यावहारिक और पारिवारिक वजह छिपी हुई है।
- दरअसल, दुल्हन देवमुनि एक्का का कोई भाई नहीं है। वे कुल 4 बहनें हैं।
- देवमुनि के पिता मोहन एक्का खेती-किसानी का काम करते हैं और उन्हें अपने घर को संभालने व बुढ़ापे के सहारे के लिए एक बेटे की तलाश थी।
- इसी तलाश के दौरान उन्होंने अपनी बेटी देवमुनि का रिश्ता बरवा परिवार में तय किया।
- दोनों परिवारों की आपसी सहमति से यह तय हुआ कि शादी के बाद बिलासुस बरवा दुल्हन के घर पर ही रहेगा।
दुल्हन के पिता मोहन एक्का ने खुशी जताते हुए कहा कि यह फैसला भले ही समाज को थोड़ा अलग लगे, लेकिन उनके परिवार के लिए यह बेहद जरूरी था और वे दूल्हे को अपने घर ले जाकर बिल्कुल एक बेटे की तरह रखेंगे।



