Chhattisgarh News
CG Private School Closed: छत्तीसगढ़ में आज बंद रहेंगे सभी प्राइवेट स्कूल, RTE फीस को लेकर संचालकों का बड़ा प्रदर्शन

छत्तीसगढ़ के निजी स्कूलों (Private Schools) में आरटीई (RTE) यानी शिक्षा के अधिकार के तहत प्रवेशित बच्चों की फीस में बढ़ोत्तरी की मांग अब काफी तेज और उग्र हो गई है। इसी मांग को लेकर प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने एक बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत आज यानी 18 अप्रैल को पूरे प्रदेश के सभी निजी स्कूल पूरी तरह से बंद रहेंगे। संचालकों की नाराजगी इस बात को लेकर है कि शासन उनकी जायज मांगों पर ध्यान नहीं दे रहा है।
14 साल से नहीं बढ़ी RTE की प्रतिपूर्ति राशि
दरअसल, स्कूल संचालकों के इस बड़े विरोध प्रदर्शन के पीछे एक बहुत ही गंभीर आर्थिक कारण छिपा हुआ है।
- प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन का कहना है कि छत्तीसगढ़ में पिछले 14 साल से आरटीई की प्रतिपूर्ति राशि में किसी भी प्रकार की कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई है।
- वर्ष 2011 में जो फीस तय की गई थी, उसी के आधार पर आज भी भुगतान किया जा रहा है।
- वर्तमान में कक्षा 1 से 5 तक के लिए प्रतिपूर्ति राशि 7000 रुपए और कक्षा 6 से 8 तक के लिए 11400 रुपए प्रति विद्यार्थी प्रति वर्ष का भुगतान शासन द्वारा स्कूलों को किया जाता है।
- महंगाई के इस दौर में इतने कम पैसों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना स्कूलों के लिए लगभग असंभव हो गया है।
फीस न बढ़ने पर प्रवेश रोकने की चेतावनी
इसके अलावा, एसोसिएशन ने शासन को एक बेहद सख्त चेतावनी भी दे दी है, जिससे गरीब बच्चों के दाखिले पर संकट खड़ा हो सकता है।
- छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता एवं सचिव मोती जैन ने स्पष्ट किया है कि यदि शासन फीस में जल्द वृद्धि नहीं करता है, तो वे बड़ा कदम उठाएंगे।
- उन्होंने निर्णय लिया है कि फीस वृद्धि नहीं होने पर इस सत्र में लॉटरी के माध्यम से चयनित आरटीई बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
- एसोसिएशन का कहना है कि अपनी मांगों को लेकर वे लगातार शासन का ध्यान आकृष्ट करा रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई भी सकारात्मक पहल या आश्वासन नहीं मिला है, जिससे संचालकों में भारी आक्रोश है।
शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध
वहीं, इस आंदोलन को धार देने के लिए स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों ने जमीनी स्तर पर भी अपना विरोध जताना शुरू कर दिया है।
- आरटीई की फीस में वृद्धि की मांग को लेकर एक मार्च से ही पूरे प्रदेश में असहयोग आंदोलन जारी है।
- आज के बंद से ठीक एक दिन पहले, शुक्रवार को निजी स्कूल संचालकों, शिक्षकों और अन्य स्टाफ ने हाथों में काली पट्टी बांधकर काम किया और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
- आपको बता दें कि भीषण गर्मी को देखते हुए राज्य शासन ने वैसे भी 20 अप्रैल से स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी हैं, लेकिन उससे पहले स्कूलों का यह बंद शासन पर दबाव बनाने की एक बड़ी रणनीति है।



