NSE IPO: आ रहा है ₹30,000 करोड़ का देश का सबसे बड़ा IPO; जानें प्राइस बैंड, GMP और अहम तारीखें

NSE IPO: शेयर बाजार के निवेशकों का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म होने जा रहा है। मार्केट रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने शुक्रवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) को अपनी मंजूरी दे दी है। इस मेगा आईपीओ का आकार करीब 30,000 करोड़ रुपये है। सेबी की हरी झंडी मिलते ही ग्रे मार्केट में भी इस आईपीओ को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
खबर की मुख्य बातें (NSE IPO)
- देश का सबसे बड़ा आईपीओ: ₹30,000 करोड़ के इश्यू साइज के साथ यह एलआईसी और पेटीएम का रिकॉर्ड तोड़ेगा।
- अनुमानित प्राइस बैंड: 1,800 रुपये से 1,900 रुपये के बीच रहने की संभावना।
- ओपनिंग डेट: रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, आईपीओ 21 सितंबर को खुल सकता है।
- ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP): वर्तमान में GMP ₹284 के करीब है, जो मजबूत लिस्टिंग के संकेत दे रहा है।
- कौन बेचेगा हिस्सेदारी?: SBI और एमएस स्ट्रैटेजिक अपने शेयर बेचेंगे, लेकिन सबसे बड़ी शेयरधारक LIC कोई शेयर नहीं बेचेगी।
1800 से 1900 रुपये हो सकता है प्राइस बैंड
कंपनी ने 14.89 करोड़ शेयर ऑफर करने की योजना बनाई है। हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी प्राइस बैंड की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों ने इसके अनुमान लगाने शुरू कर दिए हैं। बसल कैपिटल के को-फाउंडर संदीप पाण्डेय के अनुसार, 30,000 करोड़ रुपये के वैल्युएशन को देखते हुए, अगर आईपीओ 10 से 15 प्रतिशत के प्रीमियम पर लॉन्च होता है, तो इसका प्राइस बैंड 1,800 से 1,900 रुपये के बीच हो सकता है। वहीं, अगर एनएसई ज्यादा रिटर्न के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ती है, तो यह दायरा 2,000 से 2,200 रुपये तक भी जा सकता है। रॉयटर्स की रिपोर्ट भी 1,800 रुपये के प्राइस बैंड की ओर इशारा करती है, जिससे म्युचुअल फंड्स और अन्य निवेशकों के लिए निवेश करना आसान रहेगा।
कब खुलेगा NSE का IPO? (Opening Dates)
रॉयटर्स की रिपोर्ट के आधार पर, निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण तारीखें इस प्रकार हो सकती हैं:
- प्राइस बैंड का ऐलान: 15 सितंबर
- आईपीओ खुलने की तारीख: 21 सितंबर
- बोली लगाने की आखिरी तारीख: 25 सितंबर
ग्रे मार्केट में मजबूत स्थिति (NSE IPO GMP Today)
सेबी से मंजूरी मिलते ही अनऑफिशियल मार्केट यानी ग्रे मार्केट में भी तेजी आ गई है। इनवेस्टर्स गेन की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रे मार्केट में एनएसई आईपीओ 284 रुपये के मजबूत प्रीमियम (GMP) पर ट्रेड कर रहा है। 200 रुपये से अधिक का यह प्रीमियम अभी से ही शेयर बाजार में एक बंपर लिस्टिंग की ओर इशारा कर रहा है।
SBI बेचेगा अपनी हिस्सेदारी, LIC बनी रहेगी
एनएसई के मसौदा दस्तावेज (DRHP) के अनुसार, यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा:
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI): आईपीओ में अपने 2.48 करोड़ शेयर बेचेगा (वर्तमान में एसबीआई की 3.23% और सब्सिडियरी एसबीआई कैप की 4.33% हिस्सेदारी है)।
- एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड: 1.60 करोड़ शेयरों की बिक्री करेगी।
- स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया: वर्तमान में 4.44% हिस्सेदारी रखती है।
- भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC): एनएसई की सबसे बड़ी शेयरधारक (10.72% हिस्सेदारी) एलआईसी इस आईपीओ में अपनी कोई भी हिस्सेदारी नहीं बेचेगी।
इन सभी बड़े आईपीओ का टूटेगा रिकॉर्ड
अगर यह आईपीओ अपने अनुमानित 30,000 करोड़ रुपये के साइज पर आता है, तो यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बन जाएगा। यह इन पिछली बड़ी कंपनियों के रिकॉर्ड तोड़ देगा:
- LIC (2022): ₹20,557.23 करोड़
- Paytm (2021): ₹18,300 करोड़
- Tata Capital (2025): ₹15,511.87 करोड़
- Coal India (2010): ₹15,200 करोड़
करीब एक दशक की नियामकीय अड़चनों को पार करने के बाद आ रहा यह आईपीओ एनएसई को भारत की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची में शामिल कर देगा। इस इश्यू के बाद एनएसई का कुल बाजार पूंजीकरण (Market Cap) 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है।






