छत्तीसगढ़ में मानसून की मूसलाधार वापसी: 11 जिलों में अलर्ट, रेलवे ट्रैक प्रभावित होने से कई ट्रेनें निरस्त

छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर ने राज्य के 11 प्रमुख जिलों के लिए भारी से अति भारी बारिश का ‘यलो अलर्ट’ जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने एक नए चक्रवातीय सिस्टम के कारण अगले 48 घंटों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश होने की संभावना है। इस भारी बारिश का सीधा असर रेल यातायात पर पड़ा है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के बिलासपुर जोन से गुजरने वाली 11 महत्वपूर्ण यात्री ट्रेनों को अचानक रद्द कर दिया गया है, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इन जिलों में रहने वाले लोग रहें सावधान
मौसम विभाग ने जिन जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है, उनमें राजधानी रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, और बस्तर संभाग के कुछ हिस्से शामिल हैं। छत्तीसगढ़ में इस सीजन में अब तक लगभग 580 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य औसत से लगभग 6 प्रतिशत ज्यादा है। लगातार हो रही बारिश से महानदी, शिवनाथ और अरपा जैसी प्रमुख नदियां उफान पर हैं और तटीय बस्तियों में पानी भरने का खतरा मंडराने लगा है।
रेलवे ने क्यों लिया ट्रेनें रद्द करने का फैसला?
रेलवे प्रशासन के मुताबिक, भारी बारिश के कारण कुछ रेल खंडों में पटरियों पर पानी भरने और आधुनिकीकरण के कार्यों के चलते ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है। रद्द होने वाली ट्रेनों में आजाद हिंद एक्सप्रेस, मुंबई-शालिमार एक्सप्रेस और दुरंतो जैसी प्रीमियम गाड़ियां शामिल हैं। इसके अलावा, 17 अन्य एक्सप्रेस गाड़ियों के रूट में बदलाव किया गया है और 6 ट्रेनों को उनके गंतव्य से पहले ही समाप्त (शॉर्ट टर्मिनेट) किया जा रहा है। रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे घर से निकलने से पहले रेलवे हेल्प डेस्क या एनटीईएस (NTES) ऐप पर अपनी ट्रेन की लाइव स्थिति जरूर जांच लें।
किसानों के चेहरे खिले, शहरी इलाकों में जलभराव
एक तरफ जहां इस बारिश से खरीफ की फसलों, विशेषकर धान की खेती को नया जीवन मिला है और किसानों के चेहरे खिल गए हैं, वहीं दूसरी तरफ शहरी इलाकों की ड्रेनेज व्यवस्था की पोल खुल गई है। रायपुर और बिलासपुर के कई निचले इलाकों की सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे सुबह दफ्तर और स्कूल जाने वाले लोगों को भारी जाम और दिक्कतों का सामना करना पड़ा।






