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Korba News: देवपहरी जलप्रपात में अचानक बढ़ा पानी; टापू पर फंसे 3 युवक, वीडियो कॉल से संपर्क में रेस्क्यू टीम

Korba News: छत्तीसगढ़ में सोमवार से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते हसदेव नदी (Hasdeo River) का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। इसी भारी उफान के कारण कोरबा जिले के पर्यटन स्थल देवपहरी जलप्रपात (Devpahari Waterfall) में तीन युवक एक टापू पर फंस गए हैं। चारों तरफ तेज बहाव होने के कारण ये युवक वहीं एक छतरी (व्यूइंग कैनोपी) में शरण लिए हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस, जिला प्रशासन और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गई है।

खबर की मुख्य बातें (Korba News)

  • देवपहरी में बड़ा हादसा टला: तेज बारिश के कारण जलप्रपात का जलस्तर बढ़ने से 3 युवक बीच टापू पर फंसे।
  • वीडियो कॉल से संपर्क: रेस्क्यू टीम लगातार लड़कों से वीडियो कॉल के जरिए बात कर हिम्मत बंधा रही है।
  • रात के अंधेरे में चुनौती: भारी बारिश और घने अंधेरे के कारण बचाव दल को मौके तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
  • प्रशासन का अलर्ट: लेमरू और घटकेसर पुलिस के साथ गोताखोरों की टीम मौके पर तैनात।

फोटोग्राफी के शौक ने डाला संकट में, Korba News

मिली जानकारी के अनुसार, टापू पर फंसे युवकों की पहचान धनेश्वर सारथी, घनश्याम महंत और सूरज सारथी के रूप में हुई है, जो गुरमा श्यांग इलाके के रहने वाले हैं।

बताया जा रहा है कि तीनों दोस्त पहले सतरेंगा (Korba News) घूमने गए थे और वहां से लौटते वक्त देवपहरी जलप्रपात का नजारा देखने पहुंच गए। वे प्रपात के पास फोटोग्राफी कर रहे थे। फोटो खींचने के बाद जैसे ही वे वहां से वापस लौटने की तैयारी कर रहे थे, अचानक नदी का पानी तेजी से बढ़ गया। जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि उन्हें बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला और वे पानी के बीचो-बीच स्थित एक टापू पर फंस गए।

सिर्फ रेनकोट का सहारा; वीडियो कॉल से रेस्क्यू टीम दे रही निर्देश

Korba News: चारों तरफ पानी से घिरे होने के कारण युवकों ने टापू पर बनी एक छतरी में शरण ले रखी है। रेस्क्यू टीम के प्रमुख जितेन सारथी लगातार वीडियो कॉल के माध्यम से इन युवकों के संपर्क में हैं।

बातचीत के दौरान युवकों ने टीम को बताया कि वहां बेहद घना अंधेरा है और उनके पास रोशनी का एकमात्र साधन मोबाइल की टॉर्च है। जब टीम ने उनसे गर्म कपड़ों के बारे में पूछा, तो उन्होंने बताया कि उनके पास सिर्फ रेनकोट मौजूद है। हालात की गंभीरता को देखते हुए रेस्क्यू टीम ने उन्हें सख्त हिदायत दी है कि अगर पानी का बहाव और तेज होता है, तो वे खुद को छतरी के खंभे से कसकर बांध लें और किसी भी हालत में घबराएं नहीं।

तेज बहाव और अंधेरा बना रेस्क्यू में सबसे बड़ी बाधा

कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी (SP Siddharth Tiwari) ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही लेमरू और घटकेसर थानों की पुलिस टीम को तत्काल प्रभाव से मौके पर रवाना कर दिया गया है।

रेस्क्यू टीम फिलहाल टॉर्च की रोशनी और मोबाइल लोकेशन के आधार पर (Korba News) उन तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। हालांकि, नदी का रौद्र रूप और मूसलाधार बारिश रेस्क्यू ऑपरेशन में बड़ी बाधा बन रही है। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि मानसून की इस सक्रियता के बीच किसी भी नदी, नाले या जलप्रपात के करीब जाने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं।

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