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Chhattisgarh Cath Lab: छत्तीसगढ़ के 7 शहरों में शुरू होंगी नई कैथ लैब, हार्ट मरीजों को मिलेगा स्थानीय इलाज

छत्तीसगढ़ के 7 शहरों में कैथ लैब की तैयारी, Chhattisgarh Cath Lab

रायपुर। छत्तीसगढ़ में हृदय रोगियों के इलाज की सुविधा को जिला स्तर तक पहुंचाने की दिशा में (Chhattisgarh Cath Lab) सात शहरों में नई कैथ लैब यूनिट शुरू करने की जानकारी सामने आई है। इनमें बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, अंबिकापुर, राजनांदगांव, दुर्ग और कांकेर शामिल हैं। 13 अगस्त 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार इन केंद्रों में हार्ट मरीजों के लिए एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी जैसी प्रक्रियाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है।

कैथ लैब ऐसी चिकित्सा सुविधा है जहां हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी कई प्रक्रियाएं की जाती हैं। अभी गंभीर हृदय रोगियों को कई मामलों में रायपुर या बड़े निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। नई इकाइयां शुरू होने पर दूरदराज के मरीजों को अपने क्षेत्र के नजदीक उपचार मिलने की संभावना बढ़ेगी।

किन शहरों में शुरू होगी कैथ लैब, Chhattisgarh Cath Lab

उपलब्ध जानकारी के अनुसार नई कैथ लैब यूनिट इन सात शहरों में शुरू करने की योजना है:

  • बिलासपुर
  • रायगढ़
  • कोरबा
  • अंबिकापुर
  • राजनांदगांव
  • दुर्ग
  • कांकेर

इस सूची में शामिल बिलासपुर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पहले से संचालित है, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार वहां कैथ लैब यूनिट अभी शुरू नहीं हुई है। वहां कार्डियोलॉजिस्ट ओपीडी में मरीजों का उपचार कर रहे हैं, जबकि एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी के लिए मरीजों को निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है।

अभी रायपुर पर निर्भरता क्यों है

राज्य में हृदय संबंधी गंभीर मामलों के लिए सुविधाओं का बड़ा हिस्सा रायपुर में केंद्रित है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट में कैथ लैब सुविधा मौजूद है।

ऐसे में दूसरे जिलों से आने वाले मरीजों को गंभीर स्थिति में रायपुर पहुंचना पड़ सकता है। दूरी अधिक होने पर इलाज शुरू होने में समय लग सकता है। नई कैथ लैब इकाइयों की योजना इसी समस्या को कम करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

हालांकि जुलाई 2026 में बस्तर में भी अत्याधुनिक कैथ लैब सुविधा शुरू होने की जानकारी छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग ने दी थी। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस सुविधा का उद्घाटन किया था। इससे यह स्पष्ट है कि राज्य में कैथ लैब सुविधाओं का विस्तार पहले से चल रहा है।

संविदा पर कार्डियोलॉजिस्ट रखने की तैयारी, Chhattisgarh Cath Lab

13 अगस्त की रिपोर्ट में चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि प्रस्तावित नई कैथ लैब इकाइयों में संविदा पर कार्डियोलॉजिस्ट की सेवाएं लेने की तैयारी है। इसके लिए प्रति केस के आधार पर मानदेय देने की व्यवस्था का उल्लेख किया गया है।

यह व्यवस्था इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि रिपोर्ट में राज्य में कार्डियोलॉजिस्ट की उपलब्धता सीमित होने की बात कही गई है। नई मशीनें स्थापित करने के साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता भी इन केंद्रों के संचालन के लिए जरूरी होगी।

हार्ट मरीजों के लिए क्या बदलेगा

कैथ लैब शुरू होने पर हृदय रोगियों को कई प्रक्रियाओं के लिए बड़े शहरों पर निर्भरता कम हो सकती है। रिपोर्ट में एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी के अलावा पेसमेकर से जुड़ी प्रक्रियाओं तथा कुछ अन्य इंटरवेंशनल कार्डियक उपचारों की सुविधा का भी उल्लेख किया गया है।

इसका सबसे बड़ा फायदा उन मरीजों को हो सकता है जिन्हें गंभीर हृदय समस्या की स्थिति में तत्काल विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता होती है। स्थानीय स्तर पर सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को लंबी दूरी तय करके उपचार केंद्र तक पहुंचने की जरूरत कुछ मामलों में कम हो सकती है।

हालांकि किसी सुविधा के वास्तविक लाभ का आकलन उसके शुरू होने, विशेषज्ञों की उपलब्धता, उपकरणों के संचालन और मरीजों को मिलने वाली सेवाओं के आधार पर ही किया जा सकेगा।

गोल्डन ऑवर में इलाज क्यों जरूरी

हृदयाघात के मामलों में समय पर चिकित्सा उपचार बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। रिपोर्ट में कार्डियक सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. कृष्णकांत साहू के हवाले से बताया गया है कि लक्षण आने के बाद जल्दी उपचार शुरू होने पर परिणाम बेहतर हो सकते हैं।

सीने में दबाव या भारीपन, सांस फूलना, अत्यधिक पसीना, हाथ या पीठ में दर्द तथा जी मिचलाने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में स्वयं वाहन चलाने के बजाय तत्काल चिकित्सा सहायता लेना उचित है।

एक नजर में.. Chhattisgarh Cath Lab

  • राज्य: छत्तीसगढ़
  • नई कैथ लैब वाले प्रस्तावित शहर: 7
  • शहर: बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, अंबिकापुर, राजनांदगांव, दुर्ग और कांकेर
  • मुख्य सुविधा: एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी
  • विशेषज्ञ व्यवस्था: संविदा पर कार्डियोलॉजिस्ट रखने की तैयारी
  • मुख्य उद्देश्य: हृदय रोगियों को स्थानीय स्तर पर उपचार सुविधा उपलब्ध कराना
  • आज की रिपोर्ट: 13 अगस्त 2026, सुबह 9:12 बजे

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1: छत्तीसगढ़ के किन शहरों में नई कैथ लैब शुरू करने की तैयारी है?

उत्तर: बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, अंबिकापुर, राजनांदगांव, दुर्ग और कांकेर में नई कैथ लैब यूनिट शुरू करने की जानकारी सामने आई है।

प्रश्न 2: कैथ लैब में कौन सी प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी?

उत्तर: उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार इन इकाइयों में हृदय रोगियों के लिए एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी जैसी प्रक्रियाएं की जा सकेंगी। कुछ अन्य इंटरवेंशनल कार्डियक प्रक्रियाओं का भी उल्लेख किया गया है।

प्रश्न 3: नई कैथ लैब शुरू होने से मरीजों को क्या फायदा होगा?

उत्तर: दूसरे जिलों के गंभीर हृदय रोगियों को स्थानीय स्तर पर उपचार सुविधा मिलने की संभावना बढ़ेगी। इससे कुछ मरीजों को रायपुर या अन्य बड़े शहरों तक जाने की जरूरत कम हो सकती है।

छत्तीसगढ़ के सात शहरों में नई कैथ लैब शुरू (Chhattisgarh Cath Lab) करने की तैयारी राज्य की हृदय चिकित्सा व्यवस्था के विस्तार से जुड़ी है। बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, अंबिकापुर, राजनांदगांव, दुर्ग और कांकेर में सुविधा उपलब्ध होने पर स्थानीय मरीजों को एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी जैसी सेवाएं नजदीक मिल सकती हैं। हालांकि इन इकाइयों के वास्तविक संचालन की स्थिति, डॉक्टरों की उपलब्धता और सेवा शुरू होने की तारीख की आधिकारिक पुष्टि अलग-अलग चरणों में सामने आनी बाकी है।

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