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Ramgopal Agarwal Arrest: ED की बड़ी कार्रवाई, कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल गिरफ्तार, आज कोर्ट में पेशी

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित और 3400 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाला (Ramgopal Agarwal Arrest) मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष और वरिष्ठ नेता रामगोपाल अग्रवाल (Ramgopal Agarwal) को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने उन्हें गिरफ्तार कर लंबी पूछताछ की थी। अब ED ने उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया है। ED के वकील सौरभ पांडेय ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि रामगोपाल अग्रवाल को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां एजेंसी आगे की पूछताछ के लिए उनकी रिमांड मांगेगी।

CG Coal Levy Scam: कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल को लेकर EOW ने किए 800 करोड़ के दावे

रामगोपाल अग्रवाल पर क्या हैं गंभीर आरोप? Ramgopal Agarwal Arrest

EOW और ED के अनुसार, रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका इस घोटाले में पैसों के हेरफेर से जुड़ी है।

  • काले धन को सफेद करना: आरोप है कि शराब घोटाला, कोल लेवी (Coal Levy) और कस्टम मिलिंग से होने वाली अवैध कमाई और पैसों को ठिकाने लगाने में रामगोपाल अग्रवाल की अहम भूमिका थी।
  • सिंडिकेट से कनेक्शन: जांच एजेंसियों का मानना है कि इस पूरे सिंडिकेट द्वारा अर्जित किए गए काले धन का एक बड़ा हिस्सा इनके माध्यम से रूट किया गया था। हालांकि, ये आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और इनकी पुष्टि अदालत में साक्ष्यों के आधार पर होनी बाकी है।

3 साल फरार रहने के बाद EOW में किया था सरेंडर, Ramgopal Agarwal Arrest

यह गिरफ्तारी (Ramgopal Agarwal Arrest) इसलिए भी अहम है क्योंकि कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल करीब तीन साल तक जांच एजेंसियों की पकड़ से दूर (फरार) थे।

  • 8 जुलाई को सरेंडर: लंबे समय तक फरार रहने के बाद उन्होंने 8 जुलाई को रायपुर स्थित EOW कार्यालय पहुंचकर सरेंडर किया था।
  • रिमांड का सिलसिला: सरेंडर के बाद 9 जुलाई को अदालत ने उन्हें 17 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेजा था। इसके बाद रिमांड अवधि बढ़ने पर उन्हें 5 अगस्त तक EOW की कस्टडी में रखा गया। अब वहां से ED ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की थी मुलाकात

25 जुलाई को रामगोपाल अग्रवाल को जेल भेजे जाने से ठीक पहले, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) समेत कई सीनियर कांग्रेस नेताओं ने उनसे मुलाकात की थी। इस दौरान भूपेश बघेल ने राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया था कि, “पार्टी को जानबूझकर बदनाम करने के लिए केंद्रीय और राज्य की जांच एजेंसियों (ED, EOW) का राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।”

क्या है छत्तीसगढ़ का 3400 करोड़ का शराब घोटाला?

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले की परतें ED और ACB (Anti Corruption Bureau) मिलकर खोल रही हैं।

  • 2000 करोड़ से ज्यादा का घपला: ED की FIR के मुताबिक, पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में यह 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला हुआ था, जो बाद की जांच में 3400 करोड़ तक पहुंच गया।
  • सिंडिकेट का राज: आरोप है कि तत्कालीन IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के एक संगठित सिंडिकेट ने इस पूरे घोटाले को अंजाम दिया।
  • डुप्लीकेट होलोग्राम: साल 2019 से 2022 तक सरकारी शराब दुकानों (CSMC) के जरिए बिना हिसाब वाली शराब पर ‘डुप्लीकेट होलोग्राम’ लगाकर बेचा गया, जिससे राज्य के सरकारी खजाने (राजस्व) को भारी नुकसान पहुंचा।

अब आगे क्या होगा?

ED आज रामगोपाल अग्रवाल (Ramgopal Agarwal Arrest) को स्पेशल कोर्ट में पेश कर रिमांड की जोरदार मांग करेगी। जांच एजेंसी का मानना है कि अग्रवाल से कड़ी पूछताछ में इस घोटाले से जुड़े कई और नए और बड़े नाम, साथ ही अवैध लेन-देन के गुप्त ठिकाने सामने आ सकते हैं। आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की राजनीति में इस मामले को लेकर और भी बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।

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