रायपुर रेलवे स्टेशन पर 500 किलो संदिग्ध पनीर जब्त, भोपाल से आई थी खेप | Fake Paneer Seized in Raipur

रायपुर रेलवे स्टेशन पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अमरकंटक एक्सप्रेस से लाया गया (Fake Paneer Seized in Raipur) लगभग 500 किलोग्राम संदिग्ध पनीर जब्त किया है। यह खेप मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से 10 बड़े डिब्बों में भरकर रायपुर पहुंचाई गई थी। विभाग ने पनीर के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। अब लैब रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह असली दूध से बना पनीर है या फिर छत्तीसगढ़ में पूरी तरह से प्रतिबंधित एनालॉग पनीर।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, भोपाल से लाई गई इस बड़ी खेप को रायपुर रेलवे स्टेशन से उतारकर बस के जरिए आगे भेजने की तैयारी थी। (Fake Paneer Seized in Raipur) इसे बसना, सरायपाली और पड़ोसी राज्य ओडिशा के विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई किया जाना था। इसके अलावा यह पनीर रायपुर शहर के कई होटलों, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी खपाया जाना था।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को मुखबिरों से इसकी पूर्व सूचना मिल गई थी। टीम ने स्टेशन पर घेराबंदी कर पूरी खेप को ट्रेन से उतरते ही जब्त कर लिया। (Fake Paneer Seized in Raipur) फिलहाल विभाग इस बात की गहन जांच कर रहा है कि यह प्रतिबंधित खेप किस स्थानीय व्यापारी ने मंगाई थी और इसके नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
राज्य सरकार ने प्रदेश भर में डेयरी एनालॉग या गैर-दुग्ध उत्पादों के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया हुआ है। 31 जुलाई को राजपत्र में जारी अधिसूचना के अनुसार, दूध की जगह वनस्पति वसा या वनस्पति तेल का उपयोग कर बनाए गए अमानकीकृत उत्पादों (विशेषकर पनीर, क्रीम और मक्खन) की बिक्री गैरकानूनी है। (Fake Paneer Seized in Raipur) ऐसे उत्पाद असली दुग्ध उत्पाद होने का भ्रम पैदा कर उपभोक्ताओं की सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़ करते हैं। भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियम भी ऐसे मिलावटी उत्पादों को स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक मानते हैं।
आंकड़े बताते हैं कि पिछले एक वर्ष में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने विभिन्न स्थानों से 19,590 किलो एनालॉग पनीर जब्त किया है। गुणवत्ता परीक्षण के लिए भेजे गए 14 नमूने फेल भी पाए गए। इसके बावजूद अब तक किसी भी मामले में ऐसी कोई कठोर दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई है जिससे मिलावटखोरों में खौफ पैदा हो।
रायपुर के अभिहित अधिकारी विनोद गुप्ता ने बताया कि वर्तमान में जब्त किए गए पनीर में किन पदार्थों का इस्तेमाल हुआ है, यह जांच का विषय है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही पुष्टि होगी और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विशेषज्ञों का भी साफ कहना है कि जब तक नियमों के उल्लंघन पर सख्त एक्शन नहीं होगा, आम लोगों की सेहत से ऐसा खिलवाड़ रुकना नामुमकिन है।
नकली या अमानक पनीर सेहत के लिए धीमे जहर का काम करता है। गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. मनोज लाहोटी के अनुसार, ऐसे उत्पादों को बनाने में गुणवत्ता मानकों का बिल्कुल पालन नहीं किया जाता। एनालॉग पनीर का सेवन करने से पाचन तंत्र बुरी तरह प्रभावित होता है। इसके लगातार सेवन से उल्टी, मतली, पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियां और कुछ मामलों में तंत्रिका तंत्र (न्यूरोलॉजिकल) से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।
त्योहारी सीजन और आम दिनों में भी बाजार से पनीर खरीदते समय आप कुछ आसान तरीकों से इसकी शुद्धता जांच सकते हैं:
- आयोडीन टेस्ट: पनीर के टुकड़े पर आयोडीन की कुछ बूंदें डालें। यदि उसका रंग नीला हो जाए, तो उसमें भारी मिलावट है।
- उबालकर देखें: पानी में उबालने पर यदि पनीर बिखरने लगे या टूट जाए, तो वह नकली हो सकता है।
- तलने पर तेल छोड़ना: अगर पनीर को तलते समय वह सामान्य से बहुत ज्यादा तेल छोड़ रहा है, तो उसमें वनस्पति वसा की मिलावट है।
- बनावट से पहचान: पनीर को हल्के हाथों से दबाएं। अगर वह दानेदार होने के बजाय रबर की तरह खिंच रहा है, तो समझ लें कि यह मिलावटी एनालॉग पनीर है।
Q: एनालॉग पनीर क्या होता है? A: एनालॉग पनीर वह कृत्रिम उत्पाद है जिसे असली दूध के बजाय वनस्पति तेल (वेजिटेबल फैट) और अन्य रसायनों को मिलाकर तैयार किया जाता है। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है।
Q: छत्तीसगढ़ में एनालॉग डेयरी उत्पादों पर क्या नियम है? A: छत्तीसगढ़ सरकार ने 31 जुलाई को राजपत्र में अधिसूचना जारी कर प्रदेश में डेयरी एनालॉग उत्पादों के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
Q: रायपुर में जब्त किया गया पनीर कहां से आया था? A: यह 500 किलोग्राम की संदिग्ध खेप अमरकंटक एक्सप्रेस के जरिए मध्य प्रदेश के भोपाल से रायपुर लाई गई थी।






