Ram Mandir Controversy: ‘चंपत राय निर्दोष हैं, उनके साथ छल हुआ’; राम मंदिर दान चोरी के आरोपियों को सता रहा सामाजिक बहिष्कार का डर

National News (Ayodhya): अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे और दान चोरी के मामले (Ram Mandir Controversy) ने काफी तूल पकड़ लिया है। इस बीच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का बचाव किया है।
महंत कमलनयन दास ने चंपत राय को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए दावा किया है कि उनके साथ धोखा और छल हुआ है। वहीं दूसरी तरफ, दान चोरी के आरोप में जेल में बंद आरोपियों की रातों की नींद उड़ गई है। पुलिस की सख्ती के बाद उनका बर्ताव पूरी तरह बदल गया है और उन्हें सामाजिक बहिष्कार का खौफ सता रहा है।
खबर की मुख्य बातें (Highlights)
- चंपत राय का बचाव: महंत कमलनयन दास ने कहा कि चंपत राय का कोई दोष नहीं, उन्होंने पूरा जीवन राम मंदिर को समर्पित किया है।
- पीएम-सीएम पर भरोसा: इस पूरे मामले में पीएम मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ से निष्पक्ष न्याय की उम्मीद जताई गई।
- आरोपियों में खौफ: जेल में बंद सभी 8 आरोपियों को अब कड़ी कानूनी कार्रवाई और सामाजिक बहिष्कार का डर सता रहा है।
- बदली दिनचर्या: मुख्य आरोपी सुभाष जेल में सुबह 4 बजे उठकर पूजा कर रहा है, जबकि टिन्नू ने मौन धारण कर लिया है।
“चंपत राय विश्वास में पड़ गए, उनके साथ धोखा हुआ”
न्यूज़ एजेंसी ANI से बातचीत में महंत कमलनयन दास ने कहा कि चंपत राय ने राष्ट्र, समाज और राम जन्मभूमि के लिए अपना सारा जीवन न्योछावर कर दिया है। उनके चरित्र में आज तक कोई कमी नहीं आई है।
उन्होंने स्पष्ट किया, “चंपत राय जी का इसमें कोई दोष नहीं है और उन पर कोई आरोप भी नहीं है। वह बस लोगों के विश्वास में पड़ गए और उनके साथ छल (धोखा) किया गया। जिन लोगों ने यह किया, उन्होंने यह नहीं सोचा कि इसका परिणाम क्या होगा।”
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के उस बयान (कि यह घटना एक कलंक है) का समर्थन करते हुए कमलनयन दास ने कहा कि यह बिल्कुल सही बात है और ऐसी घटना की दोबारा कतई पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।
Ram Mandir Controversy: जेल में आरोपियों का बदला बर्ताव, सता रहा डर
राम मंदिर में दान और चढ़ावा चोरी के मामले में पकड़े गए सभी आठ आरोपियों की दिनचर्या अब जेल में पूरी तरह से बदल गई है। चार आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड पूरी होने के बाद जेल में उनकी बेचैनी काफी बढ़ गई है।
शुरुआती दिनों में इन आरोपियों को पूरा भरोसा था कि वे इस मामले से आसानी से बच निकलेंगे। लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने साक्ष्य जुटाए, इनकी चिंताएं बढ़ गईं। अब इन सभी को अपने किए पर पछतावा हो रहा है और सख्त सजा के साथ-साथ समाज से बहिष्कृत होने का डर सता रहा है।
मुख्य आरोपियों का जेल में हाल:
- रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू: राम मंदिर की व्यवस्थाओं में अच्छा-खासा प्रभाव रखने वाले टिन्नू ने अब जेल में डर के मारे पूरी तरह ‘मौन’ धारण कर लिया है।
- सुभाष श्रीवास्तव: बैंक से रिटायर होने के बाद मंदिर में गणना प्रभारी (Counting In-charge) का काम देखने वाला सुभाष अब जेल में सुबह 4 बजे उठकर पूजा-पाठ कर रहा है। वह अपना ज्यादा से ज्यादा समय धार्मिक गतिविधियों में बिता रहा है।
पुलिस के मजबूत डिजिटल साक्ष्यों ने बढ़ाई मुश्किलें
पुलिस की जांच अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। कस्टडी रिमांड के दौरान पहले अविनाश और फिर अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पाण्डेय से पूछताछ में पुलिस को कई अहम इनपुट्स मिले हैं।
पुलिस द्वारा बरामद किए गए डिजिटल साक्ष्यों और अन्य रिकवरी ने इस केस को बेहद मजबूत आधार दे दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि आरोपियों के खिलाफ जल्द ही बड़ी और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






