Chhattisgarh MP MLA Criminal Cases: 18+ नेताओं पर 20 से ज्यादा मामले, हाईकोर्ट की सख्त निगरानी शुरू

CG News (बिलासपुर): सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत बिलासपुर हाईकोर्ट ने Chhattisgarh MP MLA Criminal Cases को लेकर एक महत्वपूर्ण स्टेटस रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में राज्य के 18 से अधिक वर्तमान और पूर्व सांसदों तथा विधायकों के खिलाफ 20 से ज्यादा आपराधिक प्रकरण विभिन्न विशेष अदालतों में विचाराधीन होने का बड़ा खुलासा हुआ है।
Chhattisgarh MP MLA Criminal Cases: हाईकोर्ट ने जारी की स्टेटस रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने के लिए सभी विशेष एमपी-एमएलए अदालतों की लगातार निगरानी की जा रही है। अदालतों से लंबित मामलों की ताजा स्थिति मांगी गई है और यह निर्देश दिए गए हैं कि अनावश्यक देरी से बचते हुए सुनवाई को तेजी से पूरा किया जाए।
हाईकोर्ट ने दोहराया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार जनप्रतिनिधियों से जुड़े सभी लंबित आपराधिक मामलों की नियमित समीक्षा की जा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि न्यायिक प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो।
रायपुर की विशेष अदालत में भूपेश बघेल समेत कई नेताओं पर मामले
रायपुर स्थित विशेष एमपी-एमएलए अदालत में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधायक कवासी लखमा और देवेंद्र यादव सहित कई वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज मामलों की सुनवाई चल रही है।
इन मामलों में सरकारी काम में बाधा, प्रदर्शन से जुड़े मामले और कानून-व्यवस्था संबंधी आरोप शामिल हैं। इसी तरह कवासी लखमा से जुड़े ईडी जांच और कथित शराब घोटाले के मामलों में भी न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
बिलासपुर और जांजगीर-चांपा की अदालतों में भी सुनवाई जारी
बिलासपुर की विशेष अदालत में मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया के खिलाफ चुनाव आचार संहिता उल्लंघन सहित अन्य मामलों की सुनवाई जारी है। वहीं जांजगीर-चांपा में अकलतरा विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह पर दर्ज धोखाधड़ी के मामले में भी कार्यवाही चल रही है।
इसके अलावा पूर्व सांसद अभिषेक सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधियों के मामलों की सुनवाई अलग-अलग अदालतों में जारी है। कुछ मामलों में आरोप तय हो चुके हैं, जबकि कई में गवाहों के बयान और साक्ष्य दर्ज किए जा रहे हैं।
क्या है सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने देशभर की हाईकोर्ट को यह निर्देश दिया है कि जनप्रतिनिधियों से संबंधित आपराधिक मामलों की सुनवाई में अनावश्यक देरी न हो। इसी के अनुपालन में बिलासपुर हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ की सभी विशेष एमपी-एमएलए अदालतों की समीक्षा कर यह स्टेटस रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि राज्य में Chhattisgarh MP MLA Criminal Cases की स्थिति कितनी गंभीर है और न्यायपालिका इन मामलों को लेकर कितनी सतर्क है।






