MLA Ishwar Sahu Bemetara: पोस्टर से विधायक की फोटो गायब, योग दिवस के मंच पर भड़के साजा विधायक, मचा बवाल

बेमेतरा: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) के मौके पर बेमेतरा जिले में आयोजित एक कार्यक्रम का माहौल उस वक्त पूरी तरह बदल गया, जब साजा के भाजपा विधायक ईश्वर साहू (MLA Ishwar Sahu Bemetara) अचानक भड़क गए। योग की शांति और सद्भाव वाले इस कार्यक्रम में अचानक नाराजगी और सियासत का शोर गूंजने लगा।
आइए जानते हैं कि आखिर मंच पर ऐसा क्या हुआ जिसने विधायक का पारा चढ़ा दिया।
पोस्टर में अपनी फोटो न देखकर भड़के विधायक
जानकारी के मुताबिक, योग दिवस कार्यक्रम के लिए शहर में जगह-जगह बैनर-पोस्टर लगाए गए थे और मंच के पास भी विशेष सजावट की गई थी। लेकिन, जैसे ही साजा विधायक ईश्वर साहू कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, उनकी नजर वहां लगे पोस्टरों पर गई।
- उन्होंने देखा कि कार्यक्रम के बैनर-पोस्टरों में बेमेतरा और नवागढ़ के विधायकों की तस्वीरें तो छपी थीं, लेकिन उनकी (ईश्वर साहू) फोटो कहीं नहीं थी।
- यह देखते ही विधायक जी का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने भरी सभा में अपनी नाराजगी जाहिर कर दी।
‘मुझे नीचा दिखाने की कोशिश’, जांच की चेतावनी
जिस वक्त यह घटनाक्रम हुआ, मंच पर राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा और बेमेतरा विधायक दीपेश साहू जैसे बड़े नेता भी मौजूद थे। सबकी मौजूदगी में ईश्वर साहू ने तल्ख लहजे में अधिकारियों और आयोजकों को फटकार लगाई।
- विधायक ने कड़े शब्दों में कहा, “मंच के पोस्टर पर मेरी फोटो नहीं थी, मुझे जानबूझकर नीचा दिखाने की कोशिश की जा रही है।”
- उन्होंने आयोजकों पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वे चाहते तो दो घंटे के भीतर पोस्टर बदल सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
- अपनी कड़ी नाराजगी जताते हुए ईश्वर साहू ने साफ कर दिया कि वे इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय शिकायत करेंगे और प्रशासन की इस चूक की जांच की मांग करेंगे।
अधिकारियों के मान-मनौव्वल के बाद माने विधायक
विधायक ईश्वर साहू की इस खुली नाराजगी से कार्यक्रम स्थल पर हड़कंप मच गया। गुस्से में विधायक मंच से उठकर बाहर जाने लगे।
यह देख मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में अधिकारियों ने उन्हें घेरा और काफी मान-मनौव्वल (मनाने की कोशिश) के बाद विधायक को दोबारा मंच पर वापस लाया जा सका। हालांकि, इस पूरी घटना ने बेमेतरा जिला प्रशासन के प्रोटोकॉल (Protocol) और व्यवस्थाओं पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।






