Baloda Bazar News: खजाने के लिए 8 बलि? खर्वे गांव में सीरियल मौतों से दहशत, कब्र से निकाले जा रहे शव

छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार-भाटापारा जिले का खर्वे गांव इन दिनों एक खौफनाक और रहस्यमयी घटना का गवाह बन रहा है। गांव में बीते कुछ महीनों के भीतर हुई 8 संदिग्ध मौतों ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि ये मौतें प्राकृतिक नहीं हैं, बल्कि खजाने के लालच में की गई हत्याएं हैं। भारी संख्या में ग्रामीणों ने कसडोल थाने पहुंचकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
21 बलि का टारगेट और सोने का घड़ा
गांववालों के दावों ने पुलिस के भी होश उड़ा दिए हैं। आरोप है कि गांव के एक किराना कारोबारी को किसी तांत्रिक ने यह विश्वास दिलाया था कि नदी किनारे जमीन के नीचे सोने से भरा 1 घड़ा दबा हुआ है। कथित तौर पर इस खजाने को पाने के लिए उसे 21 इंसानों की बलि देने की सलाह दी गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि फरवरी से मई 2026 के बीच हुई 8 मौतों के पीछे इसी अंधविश्वास का हाथ है, जिसका मतलब है कि आरोपी का टारगेट 13 और लोगों को मारना था।
जहरीली शराब और 1 युवक की गवाही
इस खौफनाक साजिश को अंजाम देने के लिए लोगों को मुफ्त में शराब और भोजन बांटा गया। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी खुद शराब नहीं पीता था। मामले का असली खुलासा तब हुआ जब कार्तिक कुमार नाम का 1 युवक मौत के मुंह से बाहर आ गया। कार्तिक ने पुलिस को बताया कि आरोपी के यहां शराब पीने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई थी और वह रायपुर में 3 दिनों तक वेंटिलेटर पर भर्ती रहा।
कब्र से निकाले गए 7 शव
इस गवाही के बाद पुलिस, प्रशासन और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम हरकत में आई। पुलिस ने वैज्ञानिक जांच के लिए अब तक 7 शवों को कब्र से बाहर निकाला है। 14 मई को सबसे पहले 40 वर्षीय महेतरू साहू का शव निकाला गया। सभी शवों को पोस्टमार्टम और विसरा जांच के लिए रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल (मेकाहारा) भेजा गया है।
एसडीओपी कसडोल कौशल किशोर वासनिक ने बताया कि पुलिस ने 1 किराना कारोबारी और उसके कुछ परिजनों को हिरासत में लिया है। हालांकि आरोपी पक्ष इसे झूठी साजिश बता रहा है।






