CG Tehsildar Strike: विधायक रामकुमार टोप्पो की गिरफ्तारी पर अड़े तहसीलदार, कामकाज ठप, नार्को टेस्ट की मांग

सरगुजा/रायपुर। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के सरगुजा जिले में एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो (MLA Ramkumar Toppo) द्वारा एक नायब तहसीलदार से कथित मारपीट के मामले ने अब पूरे प्रदेश में तूल पकड़ लिया है। इस घटना के विरोध में प्रदेश भर के पांच सौ से ज्यादा तहसीलदार और नायब तहसीलदार अनिश्चितकालीन हड़ताल (Indefinite Strike) पर चले गए हैं। सुशासन तिहार के बीच हो रही इस बड़ी हड़ताल के कारण तहसीलों में कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
क्या है पूरा विवाद और क्रॉस एफआईआर?
यह पूरा मामला सरगुजा जिले के राजापुर का है। आरोप है कि सत्ताईस मई की शाम को विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों ने राजापुर के नायब तहसीलदार तुषार मानिक (Tushar Manik) के साथ मारपीट की।
- एफआईआर दर्ज: इस घटना के बाद विधायक और उनके दस समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
- क्रॉस एफआईआर: वहीं, दूसरी तरफ विधायक की बहन की शिकायत पर नायब तहसीलदार तुषार मानिक के खिलाफ भी पुलिस ने काउंटर एफआईआर दर्ज कर ली है।
नार्को टेस्ट की मांग और विधायक का रुख
कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी संघ लगातार विधायक समेत अन्य आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।
- नार्को टेस्ट की चुनौती: पीड़ित नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने मांग की है कि सच्चाई सामने लाने के लिए उनका और विधायक रामकुमार टोप्पो, दोनों का नार्को टेस्ट (Narco Test) कराया जाए।
- विधायक का जवाब: विधायक टोप्पो ने भी किसी भी तरह की जांच और टेस्ट में सहयोग करने की बात कही है। बीते शुक्रवार को विधायक अपने काफिले के साथ सरगुजा आईजी के सामने गिरफ्तारी देने जा रहे थे, लेकिन समर्थकों ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। फिलहाल विधायक गिरफ्तारी देने के बजाय अपने क्षेत्र के दौरे पर हैं और इस मुद्दे पर भाजपा संगठन ने पूरी तरह चुप्पी साध रखी है।
सरकार से बातचीत रही बेनतीजा, आम जनता परेशान
हड़ताल को खत्म करने के लिए सरकार की ओर से किए गए प्रयास अब तक विफल रहे हैं।
- कनिष्ठ प्रशासनिक संघ के प्रांत अध्यक्ष कृष्ण कुमार लहरे ने स्पष्ट किया है कि मंत्री और राजस्व सचिव के साथ हुई बातचीत में कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
- कामकाज ठप: इस हड़ताल को राजस्व निरीक्षक (RI) संघ का भी समर्थन मिल गया है। तहसीलों में सीमांकन (Demarcation) का काम पूरी तरह रुक गया है। पंद्रह जून से बारिश के कारण सीमांकन पर रोक लग जाएगी, ऐसे में पक्षकार बेहद परेशान हैं और अदालतों में केवल पेशी की तारीखें बढ़ाई जा रही हैं।



